Haryana News: हरियाणा में नई एक्साइज पॉलिसी को मिली मंजूरी, अब गांवों में कम होंगे शराब के ठेके
चंडीगढ़ :- हरियाणा में कैबिनेट बैठक का आयोजन किया जा रहा है, कैबिनेट बैठक के दूसरे दिन CM मनोहर लाल खट्टर ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की. CM ने इस बैठक में कुरुक्षेत्र के बाद पंचकूला को HOLY यानी की ‘पवित्र एरिया’ घोषित किया. इसके अलावा उन्होंने नई पॉलिसी के तहत गांव में शराब के ठेकों की संख्या कम करने के आदेश दिए, और उन्होंने 29 February 2024 के बाद से शराब की Supply सिर्फ कांच की बोतलों में ही करने और 4000 की आबादी वाले गांव में केवल एक ठेका खोलने के आदेश दिए. इसके लिए सरकार ने 11.50 हजार करोड़ रुपए राजस्व का लक्ष्य निर्धारित किया है.

5 वर्षों में आबकारी राजस्व हुआ दोगुना
बैठक के दौरान CM मनोहर लाल ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले 5 वर्षों में राज्य का आबकारी राजस्व दोगुना हो गया है. हरियाणा सरकार ने पर्यावरण और पशु कल्याण के लिए 400 करोड़ का अतिरिक्त फंड बनाया है. वही पिछले 2 वर्षों में जिस लाइसेंस शुल्क पर दुकानें वितरित की गई थी, उसकी शत-प्रतिशत वसूली भी की जा चुकी है. इसके अलावा CM ने कहा कि गांव का विकास सुचारू रूप से रखने के लिए अतिरिक्त ग्राम सचिव भी रखे जाएंगे, ताकि गांव के विकास में कोई अवरोध उत्पन्न ना हो. प्रदेश सरकार ने ग्राम सचिवो की संख्या 1800 से बढ़ाकर 4,487 कर दी है.
बैठक में लिए गए अहम फैसले
- गॉड ब्राह्मण विद्या प्रचारिणी सभा Rohtak को 33 वर्ष की अवधि के लिए पट्टे पर देने के संबंध में दी गई स्वीकृति
- कृषि व्यवसाय एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति 2018 में संशोधन के प्रस्ताव को मिली स्वीकृति
- 3500 करोड़ रुपए के साथ 20,000 लोगों को मिल सकेगा रोजगार
- 6 नए सबडिवीजन नांगल चौधरी, छछरौली, नीलोखेड़ी, जुलाना, मानेसर और इसराणा को मिली स्वीकृति
- HSMITS के कर्मचारियों जिन्हें वृद्धावस्था पेंशन भी ली, उनका पिछला बकाया 1- 10- 20 से एरियर के साथ मिलेगा
पहले दिन बैठक में लिए गए निर्णय
कैबिनेट ने पहली बैठक के दौरान पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट को मंजूरी दे दी, जबकि दूसरे दिन Act में संशोधन के लिए अध्यादेश लाया गया. हरियाणा में अब से शहरी स्थानीय निकायों में पिछड़ा वर्ग (BC-A) को आरक्षण दिया जाना निश्चित हो गया है. इसके अनुसार अब शहरी स्थानीय निकायों में मेयर और चेयरमैन के कुल पदों में BC-A के लिए कुल 8% ही आरक्षित होंगे. इसके अलावा जिस निकाय में SC की आबादी 50% या इससे अधिक है तो वहां पर BC-A को उनकी आबादी के प्रतिशत के बावजूद आरक्षण नहीं मिल पाएगा. आप ये लेख KhabriExpress.in पर पढ़ रहे है. आपकी इस पोस्ट के बारे मे क्या राय है मुझे कॉमेंट बॉक्स मे जरूर बताएं.
अनुसूचित जाति की 4 सीटें होंगी आरक्षित
निकाय की आबादी 2% या इससे अधिक होने पर BC-A को कम से कम 1 सीट मिलेगी. प्रत्येक नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद में पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए पार्षद का पद आरक्षित होगा. इस प्रकार आरक्षित सीटों की संख्या उस क्षेत्र में सीटों की संख्या के समान Ratio में हो सकती है. इसके अलावा यदि अनुसूचित जाति की जनसंख्या शहरी स्थानीय निकाय की जनसंख्या का 40% है तथा शहरी स्थानीय क्षेत्र में 10 सीटें हैं तो अनुसूचित जाति के लिए कुल 4 सीटें आरक्षित रहेंगी. वहीं पिछड़े वर्ग के नागरिकों के लिए नगर पालिका में 1 सीट आरक्षित रहेगी.

