Haryana News: हरियाणा में खट्टर सरकार के लिए बजी खतरे की घंटी, JJP ने खेला गेम पलटने वाला दांव
चंडीगढ़ :- हरियाणा में वर्ष 2019 में विधानसभा चुनाव हुए थे, अब एक बार फिर वर्ष 2024 में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं. जिसके बाद सभी राजनैतिक पार्टियां अपने- अपने प्रचार- प्रसार में लग गई हैं. वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में BJP और JJP की गठबंधन सरकार सत्ता में आई थी. परंतु अबकी बार हालातों से लग रहा है कि BJP और JJP के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है. अनुमान लगाया जा रहा है कि अबकी बार CM मनोहर लाल खट्टर की गठबंधन सरकार पर संकट के बादल छा सकते हैं.

वर्ष 2019 में सत्ता में आई गठबंधन सरकार
वर्ष 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में कुल 90 सीटों में से 41 सीटें BJP के हिस्से में और 10 सीटें JJP के हिस्से में आई थी, दोनों पार्टियों के मिलने से गठबंधन सरकार सत्ता में आई. बहुमत पाने के लिए पार्टियों के पास 46 सीटों का आंकड़ा होना जरूरी है. अबकी बार BJP और JJP के बीच खींचातानी का माहौल चल रहा है, जिसे देख लग रहा है कि अगले चुनाव में बीजेपी और जेजेपी गठबंधन में ना आए, इसलिए BJP ने पहले ही तिगड़मबाजी लगानी शुरू करते हैं. अब सवाल यह खड़ा हो रहा है कि वर्ष 2024 में होने वाले चुनाव में दोनों दल मिलकर एक साथ चुनाव लड़ेंगे या नहीं.
दोनों पार्टियों के बीच चल रही खींचातानी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीजेपी के राज्य प्रभारी विप्लव कुमार देव ने चार अन्य निर्दलीय विधायक उम्मीदवारों से बातचीत की है ताकि भविष्य में BJP सरकार को बचाया जा सके. इसके बाद विप्लव कुमार ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि इस बैठक में हरियाणा के विधायक राकेश दौलताबाद, धर्मपाल गोंदर, रणधीर सिंह और सोमवीर सांगवान ने PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास जताया है. यानी की BJP ने अपने सारे पत्ते सेट कर लिए हैं. दोनों पार्टियों के बीच विवाद तब शुरू हुआ जब हरियाणा के Deputy CM दुष्यंत चौटाला ने जंतर मंतर पर धरना दे रहे किसानों और पहलवानों का समर्थन किया.
शुगर चेयरमैन के पद से इस्तीफा
सूरजमुखी के MSP को लेकर जब किसानों ने क्षेत्र में प्रदर्शन किया तो पुलिस द्वारा लाठीचार्ज करने की घटना सामने आई. शाहबाद के बीजेपी विधायक रामकरण काला ने इस हरकत को गलत बताया और हरियाणा शुगर चेयरमैन के पद से इस्तीफा देने की घोषणा भी की.

