चंडीगढ़

Haryana Nuh Violence: नूँह हिंसा से मिर्चपुर कांड तक जाने कब-कब दंगों की आग में जला हरियाणा, हजारों की जा चुकी है जान

चंडीगढ़ :- मंगलवार से ही हरियाणा के नूँह, गुरुग्राम और सोहना में हालात बेकाबू बने हुए हैं. मंगलवार को शुरू हुई झड़प खत्म होने का नाम नहीं ले रही. हिंसा की शुरुआत पत्थरबाजी से हुई इसके बाद इतनी बढ़ गई कि उपद्रवियों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया. बेकाबू हालातों को देखते हुए प्रशासन ने नूँह, सोहना और गुरुग्राम जिले में धारा 144 लागू कर दी है. ऐसा नहीं है कि केवल नूँह जिले में ही दंगे हो रहे हैं इससे पहले भी कई जिलों में दंगे हो चुके है.

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जाट आरक्षण  

नूँह में दंगा फसाद होने से पहले 20 February 2016 में हरियाणा में जाट आरक्षण भी हो चुका है. जाट आरक्षण के दौरान भी हरियाणा को काफी नुकसान झेलना पड़ा था. इससे आरक्षण का सबसे अधिक प्रभाव रोहतक जिले में देखने को मिला था. Rohtak जिले में सबसे अधिक जान- मान की हानि हुई. इस आरक्षण में सरकार को 20,000 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा.

मिर्चपुर कांड और पंचकूला कांड  

इसके अलावा वर्ष 2011 में हिसार जिले के मिर्चपुर मे भी दलित बस्ती में एक दबंग परिवार का दामाद गुजर रहा था. उसी दौरान उस शख्स पर एक कुत्ते ने भोकना शुरू कर दिया. बस इस छोटी सी बात पर दलितों का दबँगो से झगड़ा शुरू हो गया. इस झगड़े के दौरान दबंगों ने पूरी दलित बस्ती जला दी जिसमें 70 साल का बुजुर्ग ताराचंद और उसके दिव्यांग बेटी सुमन जिंदा जल गए और 52 अन्य लोग भी झुलस गए. 25 August 2017 को साध्वी यौन शोषण के मामले में डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी ठहराए जाने पर देश में बड़े स्तर पर दंगे फसाद हुए. इस दौरान करीब 41 लोगों की जान चली गई, जबकि 300 से अधिक लोग घायल हो गए थे. इसमें सबसे अधिक पंचकुला के लोग शामिल थे.

फरीदाबाद मुद्दा 

इसके अलावा वर्ष 2015 में फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ में भी वक्फ बोर्ड को आवंटित मस्जिद की जमीन को लेकर अटाली गांव में विशेष समुदाय के 400 लोगों पर हमला कर दिया था. मामला इतना बढ़ गया था कि भीड़ ने तलवारों, ईटों और आग का उपयोग करना शुरू कर दिया. वर्ष 2009 में गांव के एक समुदाय ने दावा किया था कि संपत्ति ग्राम पंचायत की है जबकि दूसरा समुदाय इस संपत्ति को वक्फ बोर्ड की बता रहा था. मार्च 2015 में फैसला वक्फ बोर्ड के पक्ष में आया. जिससे दूसरे समुदाय नें फैसले पर आपत्ति जताई, हंगामा शुरू कर दिया.

Sagar Parmar

हेलो दोस्तों मेरा नाम सागर परमार है मैं खबरी एक्सप्रेस पर बतौर कंटेंट राइटर के रूप में जुड़ा हूँ मेरा लक्ष्य आप सभी को हरियाणा व अन्य क्षेत्रों से जुडी खबर सबसे पहले पहुंचना है

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