चौटाला परिवार की मंदिर में दान की चांदी की ईट मिली नकली, अजय चौटाला ने राजस्थान के मंदिर को की थी भेंट
चंडीगढ़ :- राजस्थान के नागौर जिले में लोक देवता तेजाजी के मंदिर का निर्माण कार्य किया जा रहा है. JJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय चौटाला 10 June 2022 को राजस्थान के नागौर में गए थे, उस समय मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा था. तब JJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय चौटाला ने मंदिर की नींव में रखवाने के लिए 17 किलो की चांदी की ईंट भेंट की थी. जब मंदिर का निर्माण कार्य किया जा रहा था तो उस समय JCB से यह ईंट टूट गई और देखा तो चांदी की यह ईट नकली नकली, जिसे देखकर मंदिर के पुजारी और निर्माण कार्य कर रहे मजदूर हैरान रह गए.

JCB के द्वारा ईंट टूटने पर पता चली सच्चाई
निर्माण कार्य के दौरान JCB से नींव में रखी चांदी की ईंट के टूटने से ईंट की सच्चाई सबके सामने आ गई. ईंट टूटने के बाद पता चला कि ईंट पर बाहर से केवल चांदी की परत चढ़ाई गई है, जबकि अंदर शीशा और जस्ता भरा हुआ है. ईंट की सच्चाई सामने आने से सभी ग्रामीण नाराज हो गए, उन्हें लगा कि JJB के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय चौटाला ने उन्हें नकली ईंट चाँदी की बताकर उन्हें धोखा दिया है. इस बात का चौटाला परिवार को पता चला तो उन्होंने ईंट वापस मंगवा ली और ईंट की जांच करवाने की बात कही.
चौटाला परिवार ने वापस मंगवाई ईंट
JJP राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय चौटाला ने कहा कि ईंट की कही ना कही अदला- बदली हुई है, इसकी वह गहन जांच करवाएंगे. उन्होंने अपने प्रतिनिधि बिट्टू नैन को भेजकर यह ईंट वापस मंगवाई है, और इसके बदले में 11 लाख रुपये Cash देने की बात कही है. वही चौटाला परिवार का कहना है कि वह अब तक मंदिर के लिए 6 करोड़ रूपये की राशि दे चुके है, और यह ईंट नकली कैसे निकली, इसकी उन्हें कोई खबर नहीं है. फिलहाल उन्होंने ईंट के बदले मंदिर कमेटी को चांदी की ईंट के मूल्य के बराबर Cash देंने की बात कही है.
ग्रामीणों की आस्था को पहुंची ठेंस
लोक देवता तेजाजी जाट समाज का देवता है, जिस वजह से चौटाला परिवार की इस देवता के प्रति काफी आस्था है. चौटाला परिवार में समय- समय पर इस मंदिर के लिए कुछ ना कुछ भेंट अवश्य देते है. इसके अलावा मंदिर कमेटी के कोषाध्यक्ष भंवराराम धौलिया, दिनेश और कंवरराम ने कहा कि चौटाला परिवार पिछले काफी लंबे अर्से से तेजाजी मंदिर से जुड़े हुए हैं. वे इतनी बड़ी गड़बड़ी कभी नहीं कर सकते. इसलिए मामले की अच्छे से जांच होनी चाहिए और ईंट किसने और कहां से बनवाई इसकी पूरी जांच पड़ताल की जानी चाहिए.

