नई Pension योजना में बदलाव को तैयार हरियाणा सरकार, पुरानी पेंशन पर नहीं बनी बात
नई Pension योजना में बदलाव को तैयार हरियाणा सरकार, पुरानी पेंशन पर नहीं बनी बात
चंडीगढ़ :- हरियाणा सरकार द्वारा लागू की गई नई Pension योजना का कर्मचारियों द्वारा विरोध किया जा रहा है. कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना लागू करनेे की ही मांग कर रहे हैं. इसी वजह से Friday को पेंशन बहाली को लेकर संघर्ष समिति और अफसरों की High लेवल कमेटी की एक बैठक की गई. इस बैठक में सरकार पुरानी पेंशन की बहाली पर सहमति नहीं बना पाई जबकि नई Pension योजना में संशोधन करने के लिए मान गई है. कर्मचारियों का मानना है कि नई पेंशन योजना न तो कर्मचारियों के लिए सही है और न ही सरकार के लिए सही है.

नई पेंशन योजना से असहमत कर्मचारी
शुक्रवार को सरकार ने पेंशन मामले को सुलझाने के लिए बैठक आयोजित की थी, परंतु यह बैठक ज्यादा सफल नहीं हो पाई इसलिए अगले सप्ताह फिर एक बैठक की जाएगी. सरकार ने वित्त सचिव अनुराग रस्तोगी, CM के प्रधान सचिव वीं. उमाशंकर और मुख्य सचिव संजीव कौशल सहित एक कमेटी गठित की, और इस कमेटी ने संघर्ष समिति के साथ पहली बैठक आयोजित की. इस बैठक में नई और पुरानी पेंशन योजनाओं के लाभ और खामियों पर चर्चा की गई. संघर्ष समिति के महासचिव ऋषि नैना, प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल, उप प्रधान कमलदीप सिंह ने High Level कमेटी के सामने नई पेंशन योजना से जुड़े आंकड़े प्रस्तुत किए.
NPS में कटने वाला पैसा लगता है शेयर बाजारों में
संघर्ष समिति के सदस्यों ने नई पेंशन योजना से जुड़े कुछ आंकड़े कमेटी के सामने प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह योजना न तो कर्मचारियों के लिए सही है और न ही सरकार के लिए सही है. समिति सदस्यों का कहना है कि सरकार NPS निधि में दिए जाने वाले 14% शेयर अपने पास ही रखें इससे कर्मचारियों को पेंशन दी जा सकती है. उन्होंने बताया कि NPS में सरकार 10% पैसा कर्मचारियों के वेतन से और 14% अपने पास से जमा करवाती है. NPS में कटने वाले पैसे का कर्मचारियों को कोई फायदा नहीं मिलने वाला है, क्योंकि यह पैसे Share बाजार में लगाए जा रहे हैं.
मांग नहीं मानने तक जारी रहेगा धरना
संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि पहली बैठक के बाद अब अगले सप्ताह फिर एक बैठक की जाएगी. इससे पहले 5 March को नई दिल्ली में नेशनल मूवमेंट फॉर Old Pension Scheme की एक बैठक की जाएगी जिसमें अगली रणनीति तैयार की जाएगी. इसके बाद 5 March को पेंशन समिति की सभी जिलों और ब्लॉको की बैठक भी होगी. समिति सदस्यों का कहना हैं कि हम सरकार की New Pension Scheme से सहमत नहीं है, हम चाहते हैं कि राजस्थान, पंजाब और हिमाचल की तर्ज पर कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना के तहत ही लाभ दिया जाए. उन्होंने कहा कि जब तक सरकार हमारी मांग नहीं मान लेती तब तक यह धरना ऐसे ही जारी रहेगा.

