चंडीगढ़

अब Digital तरीके से तैयार होगी अपराधियों की कुंडली, एक क्लिक पर निकलेगा अपराधी का सारा डाटा

अब Digital तरीके से तैयार होगी अपराधियों की कुंडली, एक क्लिक पर निकलेगा अपराधी का सारा डाटा

चंडीगढ़ :- आज सरकार प्रत्येक क्षेत्र में डिजिटल माध्यम को अधिक महत्व दे रही है. वहीं अब पुलिस विभाग भी अपराधियों की कुंडली Digital माध्यम से तैयार करेगा. देश के सभी अपराधियों का डाटा Digital किया जाएगा, देश के किसी भी कोने में बैठकर एक क्लिक से ही अपराधी का सारा Data निकल कर सामने आ जाएगा. जिससे पुलिस को अपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने, अपराधियों की पहचान करने  में सहायता मिलेगी. हरियाणा के साथ साथ पूरे देश में अपराधिक डाटा Digital करने का  कार्य किया जाएगा.

police

नेफीस पर किया जाएगा अपराधियों का डाटा अपलोड

पुलिस विभाग अपराधियों का डाटा नेशनल ऑटोमेटिक फिंगरप्रिंट आईडेंटिफिकेशन (NAFIS) पर Upload कर रही है. विभाग के द्वारा अपराधियों की पहचान कर उनके फिंगरप्रिंट, DNA, रेटीना और आंखों की पुतलियों से संबंधित जानकारी नफीस पर अपलोड की जा रही है. इतना ही नहीं नफीस के द्वारा अज्ञात शवों की पहचान भी आसानी से की जा सकती है. अपराधियों को पकड़ने के लिए केंद्र सरकार ने NAFIS के तहत पुलिस अधिकारियों को सैंपल लेने का अधिकार दिया है. पहले कुछ लोग निजता का हवाला देकर सैंपल देने से मना कर देते थे परंतु कानून बनने के बाद अब कोई मना नहीं कर सकता.

बड़ी वारदातों को भी किया जा सकेगा ट्रेस

हरियाणा स्टेट क्राईम रिकॉर्ड ब्यूरो के निदेशक OP सिंह ने बताया कि नेफिस के द्वारा फिंगरप्रिंट से बड़ी वारदाते भी ट्रेस की जा सकती हैं. 19 December 2022 को नेफिस देशभर में लागू किया गया था. इसके द्वारा पिछले साल 1247 मामले सुलझाए गए, जिसमें से 314 Case तो राज्यों के और 933 मामले प्रदेश के थे. इसके अलावा January 2023 में करीब 842 Case सुलझाए गए. सरकार की इस योजना के तहत पुलिस अधिकारियों को यह अधिकार दिया गया है फिर वह व्यक्ति को किसी भी डॉक्टर के पास ले जाकर उसके सभी सैंपल ले सकते है.

गिरफ्तार किए गए व्यक्ति का होगा डाटा रिकॉर्ड 

फिलहाल प्रदेश के न्यायालयों में हरियाणा पुलिस के करीब 121 कर्मचारी अपराधियों के रिकॉर्ड को पोर्टल पर Update करने में लगे हुए हैं. अपराधियों के फिंगरप्रिंट, रेटिना, आंख की पुतली सभी को स्कैन करने के बाद नेशनल सर्वेर में डाटा Upload किया जा रहा है. नेफीस किसी अपराध के लिए गिरफ्तार किए गए प्रत्येक व्यक्ति को एक विशिष्ट 10 अंको वाली अंतरराष्ट्रीय फिंगरप्रिंट संख्या प्रदान करता है. इस आईडी का प्रयोग व्यक्ति के जीवन भर के लिए किया जाता है और विभिन्न FIR के तहत दर्ज अपराधों को एक NFN से जोड़ा जाएगा.

Sagar Parmar

हेलो दोस्तों मेरा नाम सागर परमार है मैं खबरी एक्सप्रेस पर बतौर कंटेंट राइटर के रूप में जुड़ा हूँ मेरा लक्ष्य आप सभी को हरियाणा व अन्य क्षेत्रों से जुडी खबर सबसे पहले पहुंचना है

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