Success Story: भारत की बेटी को अमेरिका में मिली बड़ी जिम्मेदारी, कैलिफोर्निया कॉलेज की चांसलर बनी सोन्या क्रिश्चियन
नई दिल्ली, Success Story :- आज भारत की बेटियां देश ही नहीं विदेशों में भी नाम कमा रही हैं, और देश का नाम रोशन कर रही है. समय- समय पर ऐसी महिलाओं के नाम सामने आते रहते हैं जो देश की अन्य बेटियों के लिए भी एक उदाहरण बनती है. हाल ही में भारत की सोन्या क्रिश्चियन को कैलिफोर्निया कम्युनिटी कॉलेज System अमेरिका की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित सार्वजनिक उच्च शिक्षा प्रणाली की स्थाई चांसलर नियुक्त की गई है, जोकि भारत के लिए बड़े गर्व की बात है. सोन्या क्रिश्चियन की प्रतिष्ठा और प्रतिभा को देखते हुए कैलिफोर्निया कम्युनिटी College की 11वीं चांसलर नियुक्त किया है.

1987 में हुई स्नातक की पढ़ाई पूरी
जानकारी के लिए बता दें कि सोन्या क्रिश्चियन का जन्म केरल में पोल और पालेमा क्रिश्चियन के घर 28 July 1966 को हुआ था. इसके बाद उन्होंने केरल विश्वविद्यालय से वर्ष 1987 में Math विषय से स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की, और आगे की शिक्षा पूरी करने के लिए अमेरिका चली गई. इसके बाद उन्होंने दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से वर्ष 1990 में स्नातकोत्तर की शिक्षा ग्रहण की. इसके बाद उन्होंने वर्ष 2002 में लॉस एंजिल्स में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से Doctor ऑफ Education उपाधि प्राप्त की.
23 फरवरी को सर्वसम्मति से चुनी गई सोन्या
सोन्या क्रिश्चियन भारत ही नहीं बल्कि दक्षिण एशियाई मूल की पहली व्यक्तित्व है जिन्होंने विश्वविद्यालय प्रणाली का नेतृत्व किया. कैलिफोर्निया कम्युनिटी College अमेरिका में करीब 73 जिलों में फैला हुआ है. यह अमेरिका में स्थित सबसे बड़ी High Education प्रणाली है. इसमें लगभग 116 कॉलेज भी मौजूद है. 23 February को सोन्या क्रिश्चियन को कैलिफोर्निया कम्युनिटी कॉलेज बोर्ड ऑफ गवर्नेंस द्वारा सर्वसहमति से चुन लिया गया. विज्ञप्ति के अनुसार सोन्या क्रिश्चियन College सिस्टम की 11वीं स्थाई चांसलर सर्वसम्मति से नियुक्त की गई है.
पढ़ाई के साथ-साथ एज्यूकेसनिस्ट के रूप में किया काम
सोन्या क्रिश्चियन कभी भी खाली नहीं बैठी उन्होंने पढ़ाई के साथ साथ College में एज्यूकेसनिस्ट के रूप में कार्य किया. वर्ष 1991 में वह ग्रामीण इलाके में अमेरिकन रिवर कॉलेज में Lecturer बनी, इसके बाद उन्होंने कैलिफोर्निया की बेकर्सफील्ड कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्य किया. उसके बाद 13 February 1993 को सोन्या की शादी श्रीराम खे से हुई, और अब उनकी एक बेटी भी है. इसके बाद वर्ष 1995 में अगले 5 वर्षों के लिए एसोसिएट प्रोफेसर और उसके बाद डीन बनी. इस तरह देश की बेटी ने अमेरिका में भारत का नाम रोशन किया.

