नई दिल्ली

युद्ध को टालने के लिए श्री कृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये पांच गांव, आज इस नए नाम से है प्रसिद्ध

हालांकि दुर्योधन ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था, जिसके बाद भयंकर युद्ध हुआ.

आपके दिमाग में भी आता होगा कि वो पांचों गांव आज किस नाम से जाने जाते हैं.

बताया जाता है कि पहला नाम इंद्रप्रस्थ का था, जिसे आज दिल्ली कहते हैं.

दूसरे गांव का नाम बागप्रस्थ था, जिसे बागपत कहा जाता है.

तीसरा नाम तिलप्रस्थ का था, जिसे तिलपत (फरीदाबाद) कहते हैं.

चौथा नाम स्वर्णप्रस्थ था, जिसे आज सोनीपत कहा जाता है.

पांचवां और अंतिम नाम पानप्रस्थ था, जो पानीपत कहलाता है.

पांडवों की ओर से शांतिदूत बनकर कृष्ण हस्तिनापुर गए थे और वहीं पर उन्होंने ये पांच गांव मांगे थे.

Rohit

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