नई दिल्ली

दिल्ली के द्वारका में बनने जा रहा है गोल्ड बाजार, DDA ने बनाया ये सॉलिड प्लान

दिल्ली के द्वारका को राजधानी की बेशकीमती जगह बनाया जाएगा। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने द्वारका के सेक्टर 22 में एक गोल्ड बाजार बनाने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है, जिसमें सोने के व्यापार में विशेषज्ञता रखने वाला एक अपस्केल रिटेल स्पेस भी शामिल है। इस कदम का मकसद क्षेत्र को आभूषण खरीदारी के लिए एक सेंट्रलाइज्ड केंद्र में बदलना है, जो दुबई के मशहूर सोने के बाजारों से प्रेरित है और स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों के बीच लोकप्रिय है।

gold

3.91 हेक्टेयर के बड़े भूखंड पर विकसित होनी परियोजना

द्वारका में सोने और आभूषणों के खुदरा और थोक दोनों पहलुओं के लिए समर्पित स्पेशल शोरूम शामिल होंगे, साथ ही बुटीक भी होंगे जो कीमती मेटल ट्रेडर्स और खरीदारों की जरूरतों को पूरा करेंगे। इस पहल को लेकर डीडीए द्वारा जारी एक दस्तावेज के अनुसार, ‘डीडीए विभिन्न सुविधाओं के विकास के लिए सक्रिय रूप से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट की मांग कर रहा है, जिसमें व्यापारिक उद्देश्यों के लिए सोने के बाजार में आने वाले व्यक्तियों के लिए डिजाइन किए गए कमर्शियल स्पेस और सर्विस अपार्टमेंट भी शामिल होंगे। यह परियोजना 3.91 हेक्टेयर के बड़े भूखंड पर विकसित होनी है।’

थोक गतिविधियां निर्बाध रूप से संचालन 

डीडीए के एक अधिकारी ने टीओआई को बताया, ‘हमारा लक्ष्य इस क्षेत्र को एक व्यापक वन-स्टॉप डेस्टिनेशन के तौर पर उभारना है, जहां सोने के व्यापार से संबंधित सभी खुदरा और थोक गतिविधियां निर्बाध रूप से संचालित हो सकें। हम इस परियोजना के लिए ट्रांसिट ओरिएटेंड विकास कॉन्सेप्ट को अपनाने की योजना बना रहे हैं। इसलिए, अनुमानित कार पार्किंग आवश्यकताओं के साथ-साथ फ्लोर एरिया रेशियो (अनुपात) को भी उसी के अनुसार अंतिम रूप दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि गुड़गांव के सुशांत लोक में स्थित गोल्ड सूक मॉल को भारत के पहले विशेष ज्वेलरी मॉल के रूप में मान्यता प्राप्त है।’

लीज पर दिया जाएगा साइट

इस साइट को 40 साल की शुरुआती अवधि के लिए लीज पर दिया जाएगा, जिसमें अतिरिक्त 20 साल के विस्तार की अनुमति देने का प्रावधान है। अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य रणनीतिक रूप से धन जुटाना है जिसका उपयोग सब्सिडी वाली परियोजनाओं के लिए किया जा सकता है। साथ ही इसके जरिए खाली भूखंडों पर अनधिकृत बस्तियों और अवैध निर्माण गतिविधियों को रोका जा सकता है। इसके अलावा, अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यह परियोजना एक सस्टेनेबल मॉडल का अभिन्न अंग है, जिससे डीडीए को अच्छे-खासे राजस्व की प्राप्ति होने की उम्मीद है।

Author Deepika Bhardwaj

नमस्कार मेरा नाम दीपिका भारद्वाज है. मैं 2022 से खबरी एक्सप्रेस पर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रही हूं. मैंने कॉमर्स में मास्टर डिग्री की है. मेरा उद्देश्य है कि हरियाणा की प्रत्येक न्यूज़ आप लोगों तक जल्द से जल्द पहुंच जाए. मैं हमेशा प्रयास करती हूं कि खबर को सरल शब्दों में लिखूँ ताकि पाठकों को इसे समझने में कोई भी परेशानी न हो और उन्हें पूरी जानकारी प्राप्त हो. विशेषकर मैं जॉब से संबंधित खबरें आप लोगों तक पहुंचाती हूँ जिससे रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Adblock Detected

कृपया इस वेबसाइट का उपयोग करने के लिए आपके ऐड ब्लॉकर को बंद करे