मौसम

Weather Update: मौसम विभाग ने इन दिनों में जताई बारिश और ओलावृष्टि की संभावना, बढ़ी किसानों की चिंता

नारनौल :- मार्च महीने के मध्य तक आते- आते मौसम (Weather Update) ने एक बार फिर करवट ली है. तापमान में निरंतर परिवर्तन हो रहा है, वहीं मौसम विभाग ने March महीने के आगामी दिनों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है. इस समय खेतों में सरसों की फसल कटाई पर आई हुई है, यदि ऐसे में बारिश होती है तो यह किसानों के लिए चिंता बढ़ाने वाली बात है, क्योंकि इस समय यदि बारिश होती है तो इसका सीधा प्रभाव फसलों पर पड़ेगा. January महीने में पड़े पाली की वजह से पहले ही किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा था ऐसे में यदि इस समय बारिश होगी तो बची सरसों की फसल भी नष्ट होने की संभावना है.

barish

20 मार्च तक मौसम रहेगा परिवर्तनशील  

मौसम विभाग द्वारा जारी की गई सूचना के अनुसार एक बार फिर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिस वजह से मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा. इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ के कारण बूंदाबांदी की संभावना भी जताई गई है. अबकी बार जिले में करीब 90,100 हेक्टेयर भूमि में सरसों की बिजाई की गई है, फिलहाल सरसों पककर कटने के लिए तैयार है. ऐसे में यदि बारिश होती है तो फसलों को काफी नुकसान झेलना पड़ सकता है. मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए Alert के बाद से ही किसान फसलों को काटने में लगे हुए हैं.

जनवरी महीने में पाला पड़ने से फसलों को हुआ नुकसान  

बता दे कि अबकी बार January महीने में पाला पड़ने की वजह से करीब 50 से 80% तक सरसों की फसल खराब हो गई थी. यदि अब फिर बारिश होगी तो बची हुई सरसों की फसल भी नष्ट होने की संभावना है. फिलहाल फसलों की कटाई करने वाले मजदूरों ने भी दिहाड़ी बढ़ा दी है. किसानों ने बताया कि फसलों की कटाई करने के लिए UP और बिहार की लेबर आई हुई है. मजदूर 1 एकड़ सरसों की फसल कटाई के लिए करीब 3000- 4000 रूपये तक दिहाड़ी ले रहे हैं. इसके अलावा किसानों ने बताया कि स्थानीय मजदूर फसल कटाई के बदले दिहाड़ी के रूप में 6,000 से 6,500 रुपए तक ले रहे है.

स्थानीय मजदूर कम होने के कारण बाहर से बुलाई जाती है लेबर

मौसम विभाग द्वारा जारी की गई भविष्यवाणी के अंतर्गत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से 20 March तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा. वही किसानों को अपनी फसल 2 सप्ताह के अंदर- अंदर कटवानी होती है, यदि समय पर कटाई नहीं की जाती है तो किसानों को फसलो में नुकसान होने की संभावना बनी रहती है. स्थानीय मजदूरों की संख्या कम होने के कारण दूसरे राज्यों से जैसे MP, राजस्थान और UP से लेबर मंगवाई जाती है. बाहर की लेबर आने के बाद ही समय पर फसलों की कटाई हो पाती है.

Sagar Parmar

हेलो दोस्तों मेरा नाम सागर परमार है मैं खबरी एक्सप्रेस पर बतौर कंटेंट राइटर के रूप में जुड़ा हूँ मेरा लक्ष्य आप सभी को हरियाणा व अन्य क्षेत्रों से जुडी खबर सबसे पहले पहुंचना है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Adblock Detected

कृपया इस वेबसाइट का उपयोग करने के लिए आपके ऐड ब्लॉकर को बंद करे