नई दिल्ली

अबकी बार इस मशीन से करे गेहूं की कटाई, मिलेगा 10 क्विंटल हरा चारा और 100 किलो अनाज

नई दिल्ली :- रबी की मुख्य फसल गेहूं की कटाई शुरू हो गई है. जिन किसानों ने गेहूं की अगेती फसल लगाई थी उनकी गेहूं की फसल लगभग कर तैयार हो गई है. किसान गेहूं की अब कटाई भी कर रहे हैं. किसान गेहूं की फसल से अनाज लेने के अलावा सूखा चारा भी बना सकते हैं. जिससे किसानों को अतिरिक्त आमदनी मिल सकती है. गेहूं की कटाई के बाद सूखा चारा यानी भूसा बनाने के लिए स्ट्रॉ रीपर की आवश्यकता होती है. स्ट्रॉ रीपर की मदद से किसान भूसा बनाकर बेच सकते हैं.

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स्ट्रॉ रीपर आधुनिक कृषि यंत्रों में से एक

कृषि यंत्र एक्सपर्ट अवतार सिंह ने बताया कि स्ट्रॉ रीपर आधुनिक कृषि यंत्रों में से एक है. स्ट्रॉ रीपर की मदद से किसान भूसा बनाकर बेच सकते हैं. गेहूं की कटाई के बाद बचने वाला फसल अवशेष जिसे पहले किसान जला दिया करते थे और कई घटनाएं भी हो जाए करती थी. लेकिन अब स्ट्रॉ रीपर आ जाने के बाद किसान गेहूं के फसल अवशेष से भूसा बनाकर जानवरों के लिए सूखा चारा बना सकते हैं. इतना ही नहीं किसान भूसा बेचकर अतिरिक्त आमदनी भी ले सकते हैं. भूसा का इस्तेमाल पेपर या कार्डबोर्ड बनाने के लिए किया जाता है.

एक एकड़ खेत में मिलेगा 10 क्विंटल तक चारा

स्ट्रॉ रीपर को ट्रैक्टर से जोड़कर चलाया जाता है. गेहूं की कटाई के बाद फसल अवशेष खेत में ही पड़ा रहता है. जिसे स्ट्रॉ रीपर की मदद से भूसे में तब्दील किया जा सकता है. स्ट्रॉ रीपर को ट्रैक्टर के पीछे जोड़कर चलाया जाता है. स्ट्रॉ रीपर के पीछे एक ट्राली लगी रहती है. जिसमें भूसा इकट्ठा होता रहता है. ट्रॉली भर जाने के बाद उसको एक जगह पर उतार लिया जाता है. स्ट्रॉ रीपर 30 से 35 मिनट में एक ट्राली भूसा बना देता है. एक ट्राली में करीब 8 से 10 क्विंटल तक भूसा रहता है.

कैसे काम करता है स्ट्रॉ रीपर?

ट्रैक्टर की पीटीओ शॉफिट से स्ट्रॉ रीपर को चलाया जाता है. स्ट्रॉ रीपर में सबसे आगे एक रील लगी रहती है. जिसमें लगी हुई फिंगर फसल अवशेष को कटर के आगे ले जाती है. कटर फसल अवशेष को काटकर थ्रेसर में भेज देता है. यहां थ्रेसर में लगे धारदार ब्लेड फसल अवशेष को छोटे छोटे टुकड़ों में काट देता है जो कि भूसा में तब्दील हो जाता है.

मिलेगी अतिरिक्त उपज

स्ट्रॉ रीपर फसल अवशेष का बेहतर निस्तारण होता है. इसके अलावा गेहूं की कटाई के दौरान जो बाली खेत में रह जाती हैं. वह भी स्ट्रॉ रीपर इकट्ठा कर लेता है. कई बार तो एक एकड़ खेत से किसानों को 70 से 80 किलो तक अनाज भी मिल जाता है.

Author Deepika Bhardwaj

नमस्कार मेरा नाम दीपिका भारद्वाज है. मैं 2022 से खबरी एक्सप्रेस पर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रही हूं. मैंने कॉमर्स में मास्टर डिग्री की है. मेरा उद्देश्य है कि हरियाणा की प्रत्येक न्यूज़ आप लोगों तक जल्द से जल्द पहुंच जाए. मैं हमेशा प्रयास करती हूं कि खबर को सरल शब्दों में लिखूँ ताकि पाठकों को इसे समझने में कोई भी परेशानी न हो और उन्हें पूरी जानकारी प्राप्त हो. विशेषकर मैं जॉब से संबंधित खबरें आप लोगों तक पहुंचाती हूँ जिससे रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं.

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