नई दिल्ली

गेहूं काटने के बाद किसान बस खेत में लगा दें ये फसल, मिट्टी सोना उगल बना देगी मालामाल

नई दिल्ली :-  गेहूं की कटाई का सीजन शुरू हो गया है. ऐसे में गेहूं काटने के बाद किसानों के पास काफी समय बच जाता है, जिसमें उन्हें ढैंचा की फसल करनी चाहिए. यह फसल नाइट्रोजन विकसित करती है और मिट्टी को उपजाऊ बनाती है. जब ढैंचे के पौधे की ऊंचाई पर्याप्त हो जाती है, तो इसे खेत में पलट दिया जाता है, जिससे मिट्टी की उर्वरक क्षमता बढ़ जाती है. इससे अगली फसल की पैदावार भी बंपर होती है.

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कैसे करें खेती की शुरुआत

कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदी रत्ता ने बताया कि ढैंचा की खेती करने के लिए सबसे पहले खेत की अच्छे से जुताई करनी होती है. इसकी बुवाई सरसों की तरह लाइनों में या फिर छिड़काव विधि से की जा सकती है. अगर आप ढैंचा का उपयोग केवल हरी खाद के रूप में करना चाहते हैं, तो खेत को एक बार जोतकर उसमें छिड़काव विधि से बुवाई कर सकते हैं. ढैंचा की खेती का तरीका बिल्कुल सामान्य होता है. इसकी बुवाई के मात्र एक से डेढ़ महीने के भीतर पौधों की लंबाई तीन फीट तक पहुंच जाती है.

खेती में होता है मुनाफा

ढैंचा से हरी खाद बनाने पर खेतों में खरपतवार की संभावना कम हो जाती है. हरी खाद की खेती करने से निराई-गुड़ाई और खरपतवार नियंत्रण की लागत भी काफी कम हो जाती है, जिससे किसानों का खेती पर खर्च घटता है और मुनाफा बढ़ता है. इसके साथ ही, ढैंचा की फसल खेत की मिट्टी को उपजाऊ बनाती है. इसके बाद खेत में कोई भी फसल बोई जाए, तो उसकी पैदावार अधिक होती है, जिससे किसानों को अच्छा लाभ मिलता है.

Author Meenu Rajput

नमस्कार मेरा नाम मीनू राजपूत है. मैं 2022 से खबरी एक्सप्रेस पर बतौर कंटेंट राइटर काम करती हूँ. मैंने बीकॉम, ऍम कॉम तक़ पढ़ाई की है. मैं प्रतिदिन हरियाणा की सभी ब्रेकिंग न्यूज पाठकों तक पहुंचाती हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि मैं अपना काम अच्छी तरह से करू और आप लोगों तक सबसे पहले न्यूज़ पंहुचा सकूँ. जिससे आप लोगों को समय पर और सबसे पहले जानकारी मिल जाए. मेरा उद्देशय आप सभी तक Haryana News सबसे पहले पहुँचाना है.

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