Sapna Choudhary Struggle: स्कूली दिनों में लड़कों की पिटाई करती थीं सपना चौधरी, सिर्फ इस बात से बहुत चिढ़ती थीं एक्ट्रेस
मनोरंजन :- हरियाणा के रोहतक जिले में जन्मी Sapna Choudhary को आज बच्चा- बच्चा जानता है. सपना चौधरी हरियाणा की डांसिंग Queen के नाम से भी जानी जाती है. सपना चौधरी अब तक सैकड़ों परफॉर्मेंस दे चुकी है. Sapna Choudhary अपनी Performance के जरिए आज लाखों दिलों पर राज कर रही है. उन्होंने विभिन्न परिस्थितियों का सामना करते हुए यह मुकाम हासिल किया है आज उन्हें केवल हरियाणा के ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों के लोग भी जानते है.

विभिन्न संघर्षों के बाद हासिल किया यह मुकाम
सपना चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने विभिन्न संघर्षों को पार करते हुए यह मुकाम हासिल किया है. उन्होंने बताया कि बचपन में उनके पिता की तबीयत खराब रहती थी, भाई भी छोटा ही था जिस वजह से घर में कोई कमाने वाला नहीं था. घर के सभी बच्चों में बड़ी होने के कारण पूरे घर की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई. सपना चौधरी के कंधों पर घर की जिम्मेदारियां होने के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई भी बीच में ही छोड़नी पड़ी. उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए Stage प्रोग्राम शुरू किए. स्टेज Shows करने के कारण लोग उनके बारे में तरह- तरह की बातें भी करते थे.
नाइट शो के कारण सुननी पड़ती थी तरह- तरह की बातें
सपना चौधरी ने बताया कि वह Night शोज भी करने जाती थी जिस वजह से उन्हें तरह- तरह की बातें सुननी पड़ती थी. उन्होंने कहा कि जब स्कूल में कोई लड़का उनके बारे में बात करता दिखता तो वह उन्हें खूब पिटती भी थी. वह 9वीं से 12वीं कक्षा तक लड़कों की खूब पिटाई करती थी. उन्होंने बताया कि पिता की तबीयत खराब चलने के कारण वह Hospital में एडमिट थे, और उनकी मां भी वही हॉस्पिटल में ही रहती थी, जिस कारण इनकी मां को उनकी चिंता लगी रहती थी. आप ये लेख KhabriExpress.in पर पढ़ रहे है. आपकी इस पोस्ट के बारे मे क्या राय है मुझे कॉमेंट बॉक्स मे जरूर बताएं.
Sapna Choudhary ने कभी नहीं देखा बचपन
सपना चौधरी से जब पूछा गया कि वह ऐसा क्यों कह रही है कि उसने कभी बचपन नहीं देखा, तो इस पर उन्होंने कहा कि बचपन में ही बाप बीमार हो गए थे तो मां घर का सारा खर्च उठाती थी जिस वजह से उन्हें खेलने के लिए कभी खिलौने नहीं मिले. वहीं उसके बाद उस पर छोटी सी उम्र में ही घर की जिम्मेदारियों का बोझ पड़ गया. तब से लेकर अब जाकर कहीं थोड़ी राहत मिली है. बेशक उन्हें बचपन में बचपन जीने का मौका नहीं मिला परंतु Future उन्होंने खुद सेट किया है. आज सपना ने केवल प्रदेश में ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी अपनी पहचान बनाई हैं.

