EMI News: RBI देने जा रहा है बड़ा झटका, घर के लोन से कार की EMI तक पर होगा ऐसा असर
नई दिल्ली :- आम जनता पर आए दिन महंगाई की मार होती रहती है इसी के चलते आम आदमी को शीघ्र ही बड़ा झटका लगने वाला है. आपको बता दें कि अब Home और Car Loan बहुत जल्द महंगा होने जा रहा है. भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI की तरफ से रेपो रेट में 25 Basis Points की वृद्धि कर सकता है. ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि महंगाई उसके द्वारा तय 6 फीसदी के Level से अधिक बनी हुई है.

यह इस साल की हो सकती है अंतिम बढ़ोतरी
दरअसल, न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने अर्थशास्त्रियों का एक पोल किया था जिसमें पता चला है कि RBI आने वाली नीतिगत समीक्षा में Rates बढ़ाएगा. यह इस साल में Last Increment हो सकती है. यदि आरबीआई इस बार फिर रेट बढ़ाता है, तो पिछले साल मई से दर में कुल बढ़ोतरी 275 बेसिस प्वॉइंट्स तक पहुंच जाएगी. यूएस फेडरल रिजर्व जैसे कुछ दूसरे केंद्रीय बैंकों से तुलना करें, तो यह ज्यादा नहीं है. आप ये लेख KhabriExpress.in पर पढ़ रहे है. आपकी इस पोस्ट के बारे मे क्या राय है मुझे कॉमेंट बॉक्स मे जरूर बताएं.
फिक्स डिपाजिट भी होंगी ज्यादा आकर्षित
अब आपको इस बारे में जानकारी देते हैं कि रेपो रेट के बढ़ने से आप पर क्या प्रभाव पड़ेगा. रेपो रेट बढ़ने के बाद, बैंकों को RBI को अधिक ब्याज देना होगा, जिसे बैंक रिटेल या Corporate कर्जधारकों से लेंगे. इसके कारण बैंकों से लिए गए Loan पर ज्यादा ब्याज की आवश्यकता होगी इसलिए, लोन Generally एक से दो फीसदी तक महंगे हो सकते हैं. इससे Deposit पर रेट में कुछ मार्जिन से बढ़ेगा. इससे फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD भी निवेशकों के लिए अधिक Attractive होगी, और ग्राहकों को तय इनकम (Fix Income) का स्रोत प्राप्त होगा.
बैंक से बातचीत करके जाने अपने लोन की ब्याज दर
इसी कारण , ज्यादा लोग एफडी में Invest करेंगे. सबसे पहले आप रेपो रेट में वृद्धि की घोषणा होने के बाद, अपने बैंक से बात करें और इस बात की जानकारी प्राप्त कि क्या आपके लोन पर जो ब्याज दर मिल रही है उसमें किसी प्रकार का कोई परिवर्तन किया गया है या नहीं. यदि कर्ज की दर को बढ़ाया गया है तो उसे कम करने के लिए कुछ फैसले लेने होंगे.
इस प्रकार ब्याज दरों में वृद्धि से बच सकते हैं आप
यदि आपके पास पहले से Long Term का फ्लोटिंग रेट लोन है, तो आप किसी भी सरप्लस कैश (Surplus Cash) का Use करके अपने लोन की अवधि को कम कर सकते हैं. इस प्रकार आप लोन पर ब्याज दरों में वृद्धि से अपना बचाव कर सकते हैं. इसके अतिरिक्त रेट Change करने की स्थिति में, आप किसी दूसरे बैंक से संपर्क कर सकते हैं, जो आपके लिए ज्यादा अच्छी शर्तें दे सकता है.
