BPL Ration Card: हरियाणा के गरीब परिवारों को तगड़ा झटका, प्राइवेट स्कूल में पढ़ता है बच्चा, तो कटेगा पीला राशन कार्ड
चंडीगढ़ :- हरियाणा निवास में कल पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी उमाशंकर ने परिवार पहचान पत्र (PPP) की खूबियां गिनवाई और कहा कि प्रदेश में 72 लाख परिवार है. जिनमें से 68 लाख परिवारों का परिवार पहचान पत्र बन गया हैं. गांवों में भी 99% Data सत्यापित किया जा चुका है. गुरुग्राम, पंचकूला, फरीदाबाद और सोनीपत में 96 परसेंट परिवार पहचान पत्र सत्यापित है. हरियाणा में कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले रहे पात्र लोगों के लिए एक जरूरी खबर सामने आई है.

गरीब परिवारों को बड़ा झटका दे सकती है हरियाणा सरकार
पिछले काफी समय से प्रदेश Government की तरफ से परिवार पहचान पत्र में दर्ज Income का सत्यापन किया जा रहा है. कुछ लोग ऐसे हैं, जो अपनी आय कम दिखाकर अपात्र होते हुए भी योजना का लाभ ले रहे हैं. अब Government की तरफ से एक नया तरीका अपनाया जाएगा. इसके तहत जिन लोगों ने अपनी आय परिवार पहचान पत्र में कम दिखाई है और उनके बच्चे महंगे स्कूलों में पढ़ रहे हैं, तो उन्हें भी BPL सूची से बाहर किया जाएगा. इसी प्रकार चार पहिया वाहन रखने वाले लोग भी गरीबों की श्रेणी से बाहर होंगे, प्रदेश में कुल 40 लाख वाहन हैं.
PPP से लगी फर्जीवाड़े पर रोक
परिवार पहचान पत्र योजना की कमान संभाल रहे वी उमाशंकर ने जानकारी देते हुए बताया कि कैसे PPP से फर्जीवाड़े पर रोक लगाई गई है. उन्होंने बताया कि पीपीपी में उपलब्ध Data के अनुसार एक परिवार के 8 आदमी मिले, जो अनुबंध पर नौकरी करते थे. जांच की तो पता चला कि एक कर्मचारी ने फर्जी तरीके से इन लोगों के नाम अनुबंधित कर्मचारियों की List में डाल दिए और उनकी तनखा के पैसे खुद हड़प रहा था. उसके खिलाफ केस दर्ज करवाया गया.
इन लोगों का भी बनाया जाएगा परिवार पहचान पत्र
इसी तरह साढ़े आठ लाख पेंशनर्स का आधार गलत था, जिनमें से चार लाख ठीक कर दिए गए हैं. तीन लाख पेंशनर ऐसे हैं, जिनके ना ही Mobile Number ना ही रिहायशी पता है. इनके बैंक खातों में पेंशन जा रही है. CM के प्रधान सचिव ने बताया कि 5 सदस्य समिति के जरिए आय का सत्यापन करवाया गया है. प्रदेश में करीब ढाई लाख परिवार है, जो आजीविका के लिए हरियाणा से बाहर है. इनमें से अधिकतर लोग दिल्ली, चंडीगढ़ में है. सरकार ऐसे लोगों के भी परिवार पहचान पत्र बनाएगी.

