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EMI Tips: EMI चुकाते समय इन बातों का रखें ध्यान, नहीं तो हो होगा नुकसान

EMI moratorium लोन मोरेटोरियम एक अस्थायी राहत है जिसमें बैंक या वित्तीय संस्थान उधारकर्ता को कुछ समय के लिए ईएमआई चुकाने से से छूट देता है। यह राहत आमतौर पर आर्थिक संकट बीमारी या किसी अन्य असामान्य हालत में दी जाती है। आइए जानते हैं कि लोन मोरेटोरियम के फायदे और नुकसान क्या है और क्या आपको इसका इस्तेमाल करना चाहिए।

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बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। अगर आप किसी आर्थिक परेशानी में हैं और आपको पर्सनल लोन की EMI चुकाने में दिक्कत हो रही है, तो आप मोरेटोरियम सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे किस्त चुकाने से अस्थायी तौर पर राहत मिल जाती है। इसकी शुरुआत RBI ने कोरोना महामारी के दौरान की थी। उस समय बहुत से लोगों के पास कमाई कोई साधन नहीं था। वे अपने लोन की ईएमआई नहीं चुका पा रहे थे और कई लोग लोन पर डिफॉल्ट कर रहे थे। हालांकि, आपको लोन मोरेटोरियम सुविधा का लाभ अंतिम के विकल्प तौर पर करना चाहिए, क्योंकि इसके कुछ नुकसान भी हैं।

Loan Moratorium क्या है?

Moratorium का मतलब होता है कि किसी चीज को स्थगित करना यानी उस पर अस्थायी रोक लगाना। अगर पर्सनल लोन पर मोरेटोरियम की बात करें, तो इसका मतलब होता है कि आप लोन की EMI चुकाना कुछ समय के लिए बंद कर सकते हैं। इससे आपका लोन खत्म नहीं होता है, बल्कि कुछ समय के लिए स्थगित हो जाता है। इस सुविधा का मकसद नौकरी छूटने, कारोबार में नुकसान या किसी अन्य वित्तीय संकट के वक्त लोगों को राहत पहुंचाना है।

लोन मोरेटोरियम के फायदे

लोन मोरेटोरियम से वित्तीय संकट के समय कर्ज लेने वाले लोगों को राहत मिलती है। यह वित्तीय संकट कुदरती आपदा, नौकरी छूटने, कारोबार में नुकसान, मेडिकल इमरजेंसी या किसी अन्य वजह से आ सकता है। लोन मोरेटोरियम (Loan Moratorium) के दौरान मासिक किस्त देने की जरूरत नहीं होती है। इससे वित्तीय संकट से निपटने में मदद मिलती है। लोन मोरेटेरियम की वजह से लोन लेने वाला शख्स डिफॉल्ट होने से बच जाता है। साथ ही, EMI न चुकाने से उसके क्रेडिट स्कोर पर कोई भी नकारात्मक असर नहीं पड़ता।

लोन मोरेटोरियम के नुकसान

लोन मोरेटोरियम के दौरान ब्याज दर लागू रहती है। इसका मतलब है कि आपके लोन की रकम बढ़ती रहेगी। कर्ज लेने वाले शख्स को लोन मोरेटोरियम के दौरान अतिरिक्त ब्याज देना पड़ सकता है। इससे लोन की रकम बढ़ सकती है, जिससे उसका आर्थिक संकट और भी बुरा हो सकता है। इससे लोन चुकाने की अवधि भी बढ़ सकती है। इसका मतलब है कि कर्ज लेने वाले को अधिक समय तक लोन का भुगतान करना पड़ेगा। लोन मोरेटोरियम को आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में दर्ज किया जाता है। इससे आगे चलकर लोन मिलने में दिक्कत हो सकती है।

लोन रिस्ट्रक्चरिंग बेहतर विकल्प

आपको लोन मोरेटोरियम का इस्तेमाल तभी करना चाहिए, जब कोई और विकल्प न हो। यह बस अस्थायी राहत देता है और आखिर में आपका वित्तीय बोझ बढ़ने का खतरा रहता है। आपको लोन मोरेटोरियम के बजाय लोन रिस्ट्रक्चरिंग के लिए बैंक से बात करनी चाहिए। इसमें आप अपने बैंक को अपनी वित्तीय परेशानी के बारे में बता सकते हैं और उससे लोन की शर्तें आसान करने या ईएमआई कम करने की गुजारिश कर सकते हैं। बैंक बार ग्राहक को रियायत दे देते हैं, क्योंकि वे भी अपने कर्ज को डूबने नहीं देना चाहते। अगर बैंक EMI कम करने या लोन रिस्ट्रक्चरिंग के लिए नहीं मानता है, आप किसी अन्य बैंक में लोन ट्रांसफर करने के विकल्प पर भी विचार कर सकते हैं। इससे आपको नई शर्त और कम ब्याज दर जैसी राहत मिल सकती है।

Rohit

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