किसान साथी इस फूल की करे खेती, सरकार की सब्सिड़ी के साथ सीजन में होगी तगड़ी कमाई
नई दिल्ली :- अगर खेती में सही तरीके से दिमाग लगाया जाए, नए नए आइडिया ढूढें जाएं तो किसान काफी अच्छी कमाई कर सकते हैं. इसी क्रम में ,समस्तीपुर जिले में कुछ किसान अलग-अलग तरीकों से खेती कर भी रहे हैं, जिनसे वे बेहतर कमाई करते हैं. बता दें समस्तीपुर में सिर्फ साग-सब्जी ही नहीं, बल्कि फूलों की खेती भी एक महत्वपूर्ण व्यवसाय बन चुका है. किसान इसे बड़े उत्साह से कर रहे हैं और तैयार फूलों को आसपास के जिलों में बेचने का काम करते हैं. ऐसे में आज हम आपको ऐसे किसान के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने पहले इसका प्रशिक्षण लिया और आज फूलों की कई किस्मों की खेती कर लाखों की सीजन में कमाई कर रहे हैं, तो चलिए जानते हैं इस किसान के बारे में

आपको बता दें, समस्तीपुर जिले के बारिश नगर के रहने वाले मोती नामक व्यक्ति को बागवानी मिशन के तहत जिला हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट द्वारा अनुदान और प्रशिक्षण दिया गया था. इसके बाद, उन्होंने फूलों की खेती को बड़े पैमाने पर करना शुरू किया. जानकारी के अनुसार, वह इस क्षेत्र के एकमात्र किसान हैं, जिन्होंने तीन एकड़ भूमि पर गेंदा फूल सहित चार अलग-अलग किस्मों के फूलों की खेती की है. उनके द्वारा की गई फूलों की खेती से चार महीने के सीजन में लाखों रुपये की आय हो जाती है. बागवानी मिशन के तहत मिलने वाले प्रशिक्षण ने मोतीलाल को इस व्यवसाय में सफलता दिलाने में अहम भूमिका निभाई.
पहले प्रशिक्षण लेने के बाद, उन्होंने फूलों की खेती करने का निर्णय लिया और इसे बड़े पैमाने पर अपनाया. उनका यह प्रयास अब सफल हो चुका है, और उन्होंने इस व्यवसाय से न सिर्फ अपनी आय बढ़ाई है, बल्कि अपने क्षेत्र के अन्य लोगों को भी रोजगार देने में मदद की है. समस्तीपुर जिले के बारिश नगर के रहने वाले किसान मोतीलाल ने लोकल 18 से बातचीत करते हुए बताया, कि उन्हें बागवानी मिशन के तहत बंगाल में प्रशिक्षण दिया गया.
प्रशिक्षण के बाद, उन्होंने इस व्यवसाय को अपनाया और अब इसे अच्छे तरीके से चला रहे हैं. मोतीलाल ने कहा, अब मैं तीन एकड़ भूमि पर फूलों की खेती करता हूं. इससे मुझे हर एकड़ से प्रति तीन महीने में लगभग 10,000 रुपये की आय होती है. उन्होंने यह भी बताया कि अगर बिक्री सही समय पर नहीं होती तो वे फूलों को 20 से 25 दिन तक कोल्ड स्टोर में रख सकते हैं, जिससे वे खराब नहीं होते हैं और लंबी अवधि तक बेचे जा सकते हैं. मोतीलाल ने गेंदा फूल के अलग-अलग किस्मों की खेती की है, जैसे की गेंदा, गुलाब, गुलछर्रे और अन्य स्थानीय फूलों की किस्में.
उन्होंने कहा कि उनके पास कुल मिलाकर चार से पांच किस्मों के फूल उपलब्ध हैं, और उनकी खेती क्षेत्र में बहुत लोकप्रिय हो गई है. उनके द्वारा की गई फूलों की खेती से न केवल उन्हें आय हो रही है, बल्कि वे अपने खेत में काम करने के लिए चार से पांच लोगों को रोजगार भी प्रदान कर रहे हैं.

