Credit Card: क्रेडिट कार्ड से खर्चा करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, अब नहीं देना होगा चार्ज
नई दिल्ली :- यदि आप भी विदेश यात्रा पर जाते रहते हैं और वहां Credit Card से खर्च करते हैं तो यह खबर आपके लिए अहम है. सरकार ने क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वालों को बड़ी राहत प्रदान की है. सरकार ने क्रेडिट कार्ड को लेकर एक बड़ी सुविधा दी थी जो 1 जुलाई से लागू होने वाली थी. फिलहाल सरकार ने इसे तीन महीने के लिए टाल दिया है.

तीन महीने के लिए टली टैक्स कटौती
नए बदलाव के तहत विदेश में क्रेडिट कार्ड से खर्च करने पर 1 जुलाई, 2023 से TDS Free लगाने का प्रावधान था. इसके तहत विदेश में यदि आप क्रेडिट कार्ड से 7 लाख या इससे ज्यादा ख़र्च करते है तो आपको 20 प्रतिशत टीसीएस देना होगा. सरकार का कहना है कि इंटरनेशनल क्रेडिट कार्ड के माध्यम से विदेशों में खर्च करना उदारीकृत धन प्रेषण योजना (Liberalized Remittance Scheme) के अंतर्गत नहीं आएगा. इसलिए इस पर टैक्स नहीं काटा जाएगा. एलआरएस (LRS) के तहत यात्रा खर्च समेत भारत से विदेशों में धन भेजने पर 20 प्रतिशत की दर से स्रोत पर टैक्स कटौती (TCS) के क्रियान्वयन को तीन महीने के लिये टाल दिया गया है.
1 अक्टूबर से प्रभावी होगा नियम
अब यह नियम अब 1 अक्टूबर से लागू होगा. एक October से Foriegn में क्रेडिट कार्ड से खर्च पर टीसीएस (TCS) नहीं लगेगा. High Rate टीसएस (TCS) तभी लागू होगा, जब उदारीकृत धन प्रेषण योजना के तहत 7 लाख रुपये की Limit से अधिक भुगतान किया हो. सरकार ने वित्त विधेयक 2023 में उदारीकृत धन प्रेषण योजना के तहत शिक्षा और चिकित्सा को छोड़कर भारत से किसी अन्य देश को पैसा भेजने के साथ विदेश यात्रा पैकेज खरीदने पर टीसीएस को पांच प्रतिशत से 20 प्रतिशत कर दिया था. LRS के तहत टीसीएस (TCS) लगाने के लिए 7 लाख रुपये की सीमा अब नहीं है.
मंत्रालय ने किये उचित बदलाव
ये संशोधन एक जुलाई, 2023 से प्रभावी होने थे. वित्त मंत्रालय का कहना है कि ‘विभिन्न पक्षों से मिली टिप्पणी और सुझावों के बाद इसमें उचित बदलाव किये गए है. सबसे पहले, यह निर्णय किया गया है कि एलआरएस के तहत सभी Targets और विदेश यात्रा टूर पैकेज के लिये हर व्यक्ति को हर साल 7 लाख रुपये तक की राशि के लिए टीसीएस (TCS) की दर नहीं बदली जाएगी. भले ही Payment कैसे भी की गई हो. मंत्रालय का कहना है ‘संशोधित टीसीएस दरों को लागू करने व एलआरएस में क्रेडिट कार्ड भुगतान को शामिल करने के लिये ज्यादा वक्त देने का Decision किया गया है.’
