Haryana Metro News: हरियाणा मे मेट्रो संचालन का रास्ता साफ, जल्द इस जिले मे कर सकेंगे सफर
चंडीगढ़, Haryana Metro News :- पंचकूला, चंडीगढ़ और मोहाली को ट्राइसिटी के रूप में जाना जाता है. बता दें कि मेट्रो परियोजना का रास्ता अब पूरी तरह से साफ हो गया है. Chandigarh के साथ-साथ हरियाणा और पंजाब के कुछ सुझावों के साथ इस परियोजना को तैयार किया गया हैं. कल यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई. इस Meeting में पंजाब राज्य की तरफ से आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव की तरफ से NH-64 व PR7 जंक्शन से राजपुरा को Connect करने का सुझाव दिया गया.

हरियाणा और पंजाब के सुझावों को भी किया गया शामिल
उन्होंने पहले चरण में पंड़ोल, न्यू चंडीगढ़ से सारंगपुर, चंडीगढ़ तक एमआरटीएस मार्गो को शामिल करने का सुझाव दिया. वहीं Punjab Government की तरफ से चंडीगढ़ प्रशासन को CMP के संबंध में भी अपनी टिप्पणियां भेजी गई थी. जिनकी जांच के बाद Last Report CMP में उचित रूप से शामिल कर ली गई है. वही मेट्रो स्टेशन को लेकर बीते दिनों हरियाणा के CM मनोहर लाल खट्टर की तरफ से भी चंडीगढ़ और जीरकपुर से पिंजोर- कालका को जोड़ देने का सुझाव दिया गया था.
अब केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा प्रस्ताव
ट्राइसिटी में पिछले काफी सालों से यातायात का दबाव बढ़ रहा है जिस वजह से कई वर्षों से मांस रैपिड ट्रांसिट सिस्टम यानी मेट्रो प्रयोजना पर मंथन चल रहा था. कल यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई. इस बैठक में Punjab – Haryana के साथ-साथ चंडीगढ़ के विभागीय अधिकारियों ने भी भाग लिया. इस Meeting में सभी हितधारको ने मेट्रो परियोजना को लेकर हामी भरी. फाइनल कंप्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान में भी सभी हितधारको के सुझावों को शामिल कर 1 सप्ताह के अंदर ही इसे मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेज दिया जाएगा, फिर केंद्र सरकार की तरफ से इस पर Decision लिया जाएगा.
हरियाणा की तरफ दिए गए ये सुझाव
हरियाणा मांस रैपिड ट्रांसिट कॉरपोरेशन के निदेशक की तरफ से सुझाव जारी किया गया कि शहीद उधम सिंह चौक से पंचकूला विस्तार तक के गलियारे को चरण 2 के बजाय चरण एक में शामिल किया जाए. उन्होंने Sector -20 पंचकूला को जोड़ने के लिए एमआरटीएस कोरिडोर को संशोधित करने का सुझाव भी जारी किया. इस बैठक में पंजाब- हरियाणा नागरिक उड्डयन, वायु सेना प्राधिकरण, रेलवे प्राधिकरण और अन्य सभी के हितधारको के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया.
इन मुद्दों पर की गई चर्चा
धर्मपाल ने राइट्स को चंडीगढ़ ट्राइसिटी में एमआरटीएस के लिए वैकल्पिक विश्लेषण रिपोर्ट और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट की तैयारी पर काम शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए. इस मौके पर राइट कंपनी ने CMP के सभी पहलुओं पर भी विस्तार से प्रस्तुति दी. इस दौरान अध्ययन का दृष्टिकोण और उद्देश्य, शहर का मौजूदा ट्रैफिक, परिदृश्य समस्या और लघु और मध्यम दीर्घकालीन योजनाएं आदि विषयों पर चर्चा की गई. ट्राइसिटी में 2 फेस में मेट्रो और 3 फेस में अन्य सभी काम पूरे किए जाएंगे. मेट्रो का कुल खर्चा 7680 करोड रुपए के आसपास प्रस्तावित किया गया है.
मेट्रो स्टेशन में हो सकता है विस्तार
हरियाणा के सुझावों के बाद अब मेट्रो स्टेशन बढ़ने की भी संभावना दिखाई दे रही है. इस वजह से मेट्रो प्रोजेक्ट की लागत भी अब पहले की तुलना में अधिक आएगी. हालांकि राइट्स के सभी सुझावों को लागू करने के लिए केंद्र सरकार, चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के करीब 10570 करोड रुपए खर्च होंगे. इसमें 60 फ़ीसदी पैसा केंद्र सरकार, 40 % चंडीगढ़ और पंजाब हरियाणा देंगे. आप ये लेख KhabriExpress.in पर पढ़ रहे है. आपकी इस पोस्ट के बारे मे क्या राय है मुझे कॉमेंट बॉक्स मे जरूर बताएं.

