Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान, अब पारिवारिक जमीनों के बंटवारे के लिए बनेगा नया कानून
चंडीगढ़ :- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की तरफ से एक बड़ा ट्वीट किया गया है. इस ट्वीट के जरिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रदेश में पारिवारिक जमीन के बंटवारे के झगड़ों के निपटान हेतु एक बड़ा कदम उठाने का संकेत दिया है. बता दे कि प्रदेश में पारिवारिक जमीनों के बंटवारे को लेकर आए दिन कोई न कोई झगड़ा होता ही रहता है, इस वजह से अब Haryana Government की तरफ से इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है.

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला
पारिवारिक जमीनों के बंटवारे के दौरान होने वाले झगड़े से निपटने के लिए जल्द ही हरियाणा में एक नया कानून बनाया जाएगा. इसके अलावा, राज्य में लगभग 100 गांव ऐसे भी हैं जिनकी चकबंदी नहीं हुई है. इसको लेकर भी बड़ा बयान दिया गया है. इसके लिए एक वैज्ञानिक तरीके से चकबंदी करवाए जाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है. आगे आने वाले समय में इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी.
चकबंदी को लेकर भी दिया गया बड़ा बयान
उससे पहले आपको पता होना चाहिए कि चकबंदी क्या होती है. चकबंदी वह विधि है, जिसके द्वारा व्यक्तिगत खेती को टुकड़ों में विभक्त होने से रोका एवं संचयित किया जाता है. किसी गांव की समस्त भूमि को और किसानों के बिखरे हुए भूमिखंडों को एक पृथक् क्षेत्र में पुनर्नियोजित किया जाता है. हरियाणा सरकार की तरफ से पहले भी चकबंदी को लेकर कई प्रकार की तैयारियां की गई है और कई बड़े बयान भी दिए गए हैं.
इससे पहले भी जारी की गई थी डेडलाइन
पिछले साल भी हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला की तरफ से चकबंदी को लेकर डेडलाइन तय की गई थी. उस दौरान कहा गया था कि मार्च 2023 तक ही यह काम पूरा हो जाएगा, अभी भी कुछ गांवों की चकबंदी होना बाकी है. जिसके लिए सरकार तेजी से कार्य कर रही है और जल्द ही एक नई तकनीक को लागू किया जा सकता है. आप ये लेख KhabriExpress.in पर पढ़ रहे है. आपकी इस पोस्ट के बारे मे क्या राय है मुझे कॉमेंट बॉक्स मे जरूर बताएं.
मुख्यमंत्री श्री @mlkhattar ने कहा कि प्रदेश में पारिवारिक जमीनों के बंटवारे के झगड़े के निपटान हेतु जल्द ही नया कानून बनाया जाएगा। इसके अलावा, राज्य में लगभग 100 गांव ऐसे हैं, जिनकी चकबंदी नहीं हुई है। इसके लिए भी एक वैज्ञानिक तरीके से चकबंदी करवाने की योजना तैयार की जा रही है।
— DPR Haryana (@DiprHaryana) April 18, 2023

