Haryana News: हरियाणा वालो को नई सौगात, पानीपत से पोरबंदर तक बनेगी 1400 KM लंबी ग्रीन वॉल
चंडीगढ़ :- थार मरुस्थल का दिन- प्रतिदिन विस्तार होता जा रहा है. अवैध खनन के चलते पिछले काफी समय से अरावली पर्वतमाला समतल हो चुकी है, यह पर्वतमाला बाहर से आने वाले धूल भरी हवाओं को रोकने में भी असमर्थ हो रही है. थार मरुस्थल के विस्तार को रोकने के लिए अफ्रीका और चाइना की बाद हरियाणा में गुरुग्राम जिले से होते हुए फरीदाबाद, नूँह, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ तक 1400 Km लंबी मानव निर्मित दीवार बनाई जाएगी. मानव निर्मित Green दीवार की शुरुआत गुरुग्राम के टिकली से की गई है. पिछले काफी लंबे समय से दीवार के विस्तारीकरण को लेकर चर्चाएं चल रही थी जोकि अब जाकर पूरी हुई है.

भूपेंद्र यादव ने किया शुभारंभ
बता दे कि केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने शनिवार को गुरुग्राम के गांव टिकली में पीपल का पौधा लगाकर इस दीवार का निर्माण कार्य शुरू किया. यह दीवार अरावली पर्वतमाला की कुल लम्बाई से दुगुनी होगी. अरावली की कुल लंबाई 692 किलोमीटर है, जबकि इस दीवार की लंबाई कुल 1400 किलोमीटर और चौड़ाई 5 किलोमीटर तक निर्मित की जाएगी. हरियाणा के 4 जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ से होती हुई है निकलेगी. Green वॉल गुजरात के पोरबंदर से लेकर हरियाणा के पानीपत जिले तक बनाई जाएगी.
वर्ष 2030 तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य
बता दें कि हरियाणा सरकार ने इस परियोजना को पूरा करने के वर्ष 2030 तक का लक्ष्य निर्धारण किया है. हरियाली पर जल संरक्षण को प्रोत्साहन देने के लिए केंद्र सरकार ने हरियाणा सरकार के सहयोग से यह परियोजना शुरू की है. इस दीवार का निर्माण होने से साबरी पर्वतमाला के पूर्व स्वरूप के लौटने की आशा की जा रही है. आप ये लेख KhabriExpress.in पर पढ़ रहे है. आपकी इस पोस्ट के बारे मे क्या राय है मुझे कॉमेंट बॉक्स मे जरूर बताएं.
अवैध खनन के कारण अरावली पहाड़िया हो चुकी समतल
बता दें कि पिछले काफी समय से अरावली पर्वतमाला पर चल रहे अवैध खनन के कारण अरावली पहाड़िया सुंदर हो चुकी है जिस वजह से है भारत में आने वाले पश्चिमी और पाकिस्तानी धूल भरी हवाओं को रोकने में असमर्थ हो गई है. भूपेंद्र यादव ने बताया कि PM के नेतृत्व में Green वॉल का कार्य किया जाएगा. फिलहाल इसके लिए राष्ट्रीय कार्य योजना की शुरुआत भी कर दी गई है भारत के पश्चिम में स्थित अरावली और मध्य में स्थित विंध्याचल दक्षिण में स्थित सहाद्री की पहाड़ियों से भी लंबी होगी.

