HBSE News: हरियाणा बोर्ड की 10th और 12th परीक्षाओं को लेकर बड़ी अपडेट, इस तारीख से पहले करे ये काम
भिवानी :- हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी (HBSE) के द्वारा सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी परीक्षाओ की तैयारियां शुरू कर दी हैं. HBSE ने सेकेंडरी/ सीनियर सेकेंडरी वार्षिक परीक्षाओ की आंतरिक और बाह्य प्रायोगिक परीक्षा के अंक Online भेजने की Date निर्धारित की है. यदि कोई विद्यालय परीक्षा के अंक निर्धारित तिथि तक नहीं भेजते हैं तो उन पर प्रति विद्यार्थी के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा. 10वीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षा फरवरी-मार्च 2023 में आयोजित की जाएगी.

7 से 15 फरवरी तक आयोजित करवाई जाएंगी प्रायोगिक परीक्षाएं
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ VP यादव और सचिव कृष्ण कुमार ने सोमवार को एक प्रेसवार्ता रखी. प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि 7 फरवरी से 15 फरवरी तक 10वीं और 12वीं के परीक्षार्थियों की प्रायोगिक परीक्षाएं आयोजित करवाई जाएंगी. इसके अलावा उन्होंने कहा कि सभी विद्यालय प्रायोगिक परीक्षाओं के अंक बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in के माध्यम से लॉगिन आईडी का पासवर्ड का उपयोग करते हुए भेजे. अंक Online भेजनें के लिए HBSE ने 7 फरवरी से 17 फरवरी तक का समय निर्धारित किया है.
Online अंक न भेजने पर होगा जुर्माना
इसके अलावा बोर्ड अध्यक्ष और सचिव ने बताया कि सभी संबंधित विद्यालयों के लिए विद्यार्थियों के प्रायोगिक विषयों के अंक निर्धारित समय तक Online माध्यम से Board की आधिकारिक वेबसाइट पर डाल दें, वरना विद्यालय को 500 रूपये प्रति विद्यार्थी व अधिकतम 5000 रुपये प्रति विद्यार्थी के हिसाब से जुर्माना भरना होगा. साथ ही 18 फरवरी से 23 फरवरी तक सभी परीक्षार्थियों के Online अंक आधिकारिक वेबसाइट पर डालने होंगे. इसलिए उन्होंने कहा कि यदि विद्यालय के मुखिया यदि जुर्माने से बचना चाहते हैं तो इन आदेशों का सख्ती से पालन करें, और समय पर बच्चों के अंक भेजें.
बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखें मुखिया
इसके अलावा उन्होंने बताया कि अंतिम तिथि के बाद विद्यालय के किसी भी प्रतिवेदन पर कोई तर्क या विचार नहीं किया जाएगा. वहीं उन्होंने बताया कि जिन परीक्षार्थियों का चयन राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय या राज्य स्तर पर हुआ है ऐसे परीक्षार्थी निर्धारित तिथियों में किसी विषयों की परीक्षाओं में Appears नहीं हो सकते. इसलिए विद्यालय की मुखिया का फर्ज बनता है कि वह बच्चों के Future को ध्यान में रखते हुए अपना कार्य समय पर सम्पूर्ण करें.

