नई दिल्ली :- SBI बैंक के करोड़ों खाताधारकों के लिए एक खुशखबरी सामने आ रही है. यदि आप भी बैंक के खाता धारक है तो आपके लिए एक अच्छी खबर है. आपको सूचना दें कि मार्च तिमाही में बैंकों की परफॉर्मेंस अच्छी रहने के साथ ही खत्म हुए Financial Year में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSUs) का Profit रिकॉर्ड एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है.

ख़त्म हुए वर्ष में 40,000 करोड़ से ज्यादा का लाभ कमा सकता है SBI
हो सकता है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऊंचाइयों पर पहुंचे क्योंकि फंसे कर्ज की संख्या कम है और लोन में बढ़ोतरी हो रही है. एक वरिष्ठ बैंक अधिकारी का कहना है कि देश का सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (SBI) मार्च, 2023 को खत्म हुए वित्त वर्ष में 40,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का लाभ कमा कमा सकता है. वित्त वर्ष 2022-23 के पहले नौ Months में SBI ने कुल 33,538 करोड़ रुपये का Profit Earn किया था जो एक साल पहले की समान अवधि के 31,675.98 करोड़ रुपये से ज्यादा है. आप ये लेख KhabriExpress.in पर पढ़ रहे है. आपकी इस पोस्ट के बारे मे क्या राय है मुझे कॉमेंट बॉक्स मे जरूर बताएं.
चौथी तिमाही में भी चलता रहेगा यह सिलसिला
इसी प्रकार सार्वजनिक क्षेत्र के अन्य बैंकों के भी गैर-निष्पादित संपत्तियों (NPA) में गिरावट, दोहरे अंक में लोन वृद्धि और बढ़ती Interest Rate के बलबूते अच्छे परिणाम मिलने की उम्मीदें लगाई जा रही है. वित्त वर्ष 2022-23 के पहले नौ महीनों में सार्वजनिक क्षेत्र के सभी 12 बैंकों ने 70,166 करोड़ रुपये का कुल लाभ कमाया था जो एक वर्ष पहले की समान Time Period के 48,983 करोड़ रुपये की अपेक्षा 43 प्रतिशत ज्यादा है. पंजाब एंड सिंध बैंक के प्रबंध निदेशक स्वरूप कुमार साहा ने कहा है कि यह प्रक्रिया चौथी तिमाही में भी चलती रहेगी. पूरी संभावना बन रही है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक चौथी तिमाही में लगभग 30,000 करोड़ रुपये का मुनाफा लेंगे. इस तरह वित्त वर्ष 2022-23 में इन बैंकों का कुल लाभ लगभग एक लाख करोड़ रुपये रहेगा.
SBI ने दर्ज किया सर्वाधिक शुद्ध लाभ
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने पहली तिमाही में लगभग 15,306 करोड़ रुपये का कुल प्रॉफिट Earn किया था, जो दूसरी तिमाही में बढ़कर 25,685 करोड़ रुपये और तीसरी तिमाही में 29,175 करोड़ रुपये पहुंच गया. पंजाब नेशनल बैंक (PNB) को छोड़कर सार्वजनिक क्षेत्र के बाकी सभी बैंकों ने दिसंबर तिमाही में शुद्ध लाभ में बढ़ोतरी की थी.फंसे कर्जों के लिए ज्यादा प्रावधान करने से अक्टूबर- दिसंबर, 2022 तिमाही में पीएनबी का शुद्ध लाभ 44 प्रतिशत घटकर 628 करोड़ रुपये रह गया. इस दौरान एसबीआई ने 68 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 14,205 करोड़ रुपये का सर्वाधिक शुद्ध लाभ Record किया.
हालांकि, साहा ने यह माना कि बढ़ती जमा दरों और Currents Accounts एवं Saving Accounts खातों में कमी आने से सभी बैंकों के शुद्ध ब्याज मार्जिन पर Pressure होगा. उन्होंने कहा कि ज्यादातर बैंकों ने बढ़ती ब्याज दर होने के बाद भी चौथी तिमाही में अच्छी लोन बढ़ोतरी दर्ज की है.
सभी बैंकों ने तीसरी तिमाही में बढ़ाया था प्रॉफिट
ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड ने अपनी Research रिपोर्ट में बताया है कि पीएसबी का फंसे कर्जों के लिए वित्तीय प्रावधान तिमाही -दर- तिमाही आधार पर कम होना संभावित है. NPA में कमी आने और लंबित वित्तीय प्रावधान काफी हद तक हो जाने से इसमें गिरावट आ सकती है. जहां तक Private Sector के बैंकों की बात आती है तो तीसरी तिमाही में उनका लाभ एक साल पहले की तुलना में 33 प्रतिशत बढ़कर 36,512 करोड़ रुपये हुआ था. बंधन बैंक और यस बैंक को छोड़कर बाकी सभी निजी बैंक के Net Profit में तीसरी तिमाही में वृद्धि हुई थी.
