Income Tax: केंद्र सरकार ने किया ऐलान, ITR भरते वक्त इन फॉर्म का रखें ध्यान- सिर्फ एक गलती पड़ेगी भारी
नई दिल्ली:- Income Tax दाखिल करना हर नागरिक की जिम्मेदारी होती है. जिन भी नागरिकों की इनकम टैक्सेबल होती है, उन्हें समय से अपना रिटर्न दाखिल करना चाहिए. रिटर्न दाखिल करने वाले लोगों को अलग-अलग इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से Tax भरना होता है. इसके साथ ही लोगों को इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए अलग-अलग प्रकार के फॉर्म्स की भी आवश्यकता होती है. आज की इस खबर में हम आपको इसी बारे में विस्तार से जानकारी देंगे.

ITR -1 और ITR- 4 में डिफरेंस
अब इनकम टैक्स विभाग ने ITR-1 और ITR-4 फॉर्म को एक ऑफलाइन प्रारूप में उपलब्ध कराया है, जिसका उपयोग वित्तीय वर्ष 2022-23 से संबंधित आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए किया जा सकता है. इस संबंध में आयकर विभाग ने 25 अप्रैल 2023 को आईटीआर फॉर्म 1 और 4 के लिए ऑफलाइन यूटिलिटी जारी कर दी है. वही पुराने और नए टैक्स सिस्टम के बीच स्विच करने के लिए ITR-1 और ITR- 4 कुछ बदलाव किए गए हैं.आप ये लेख KhabriExpress.in पर पढ़ रहे है. आपकी इस पोस्ट के बारे मे क्या राय है, मुझे कॉमेंट मे जरूर बताएं.
आईटीआर भरते समय सही फॉर्म का करे चयन
बता दे कि आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए अतिरिक्त शर्तें ITR -1 और ITR -4 में पेश की गई. इनमें पिछले Financial Year’s में 60 लाख रूपये से ज्यादा का कारोबार हुआ है 50 लाख रूपये तक की कुल आय वाले व्यक्ति को ITR-1 का इस्तेमाल करना होता है. वहीं दूसरी तरफ ITR-4 व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवार और व्यवसाय से कमाई करने वाली फर्मों के लिए है. यह Form इस साल फरवरी में ITR-2, ITR-3, ITR- 5, ITR-6 और ITR -7 के साथ पेश किए गए थे. ऐसे में आईटीआई भरते समय सही फॉर्म का चयन करना बेहद जरूरी है. गलत फॉर्म में आईटीआर दाखिल करने से आपको काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

