नई दिल्ली, ITR News :- यदि आप भी हर साल Income Tax फाइल करते हैं तो आज की यह खबर आपके लिए काफी अहम होने वाली है. इनकम टैक्स फाइल करते समय आपको कुछ बातों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड को टैक्सपेयर्स के सभी आवेदनों पर समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए. वित्त मंत्री की तरफ से जानकारी देते हुए बताया गया कि ऐसे आवेदनों के निपटान के लिए एक समय सीमा भी निर्धारित की जानी चाहिए. CBDT को अपना विस्तार करते हुए टैक्सपेयर्स को जागरूक करने के प्रयासों में तेजी लानी चाहिए. वित्त मंत्री की CBDT के साथ अहम बैठक हुई जिसमें 3 मुद्दों पर चर्चा की गई.

बैठक में इन मुद्दों पर की गई चर्चा
वित्त मंत्री की बैठक में टैक्सपेयर्स की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया गया. साथ ही इनकम टैक्स अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के मामलों को इनकम टैक्स 1961 एक्ट के तहत देरी की माफी पर भी बातचीत हुई. इस दौरान वित्त मंत्री की तरफ से जानकारी देते हुए बताया गया कि डिविडेंड, ब्याज, शेयर, म्यूच्यूअल फंड और जीएसटीएन से वित्तीय लेनदेन के नए डाटा सोर्स मिलने की वजह से रिपोर्ट किए जाने वाली जानकारियों में 1100% से ज्यादा का उछाल आया है.
वित्त मंत्री ने कहा समय पर की जाए कार्रवाई
वित्त मंत्री की तरफ से बैठक में आयकर विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई की समीक्षा जल्द करने के निर्देश भी दिए गए. साथ ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सीबीडीटी को ऐसी कार्रवाई को अंतिम रूप देने के लिए कहा. इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि टैक्सपेयर द्वारा दायर सभी आवेदनों पर समय से उचित कार्रवाई की जाए.
TDS कोड में हुई वृद्धि
पिछले 8 सालों में नए टीडीएस कोड 36 से बढ़कर 65 हो गई. इसका प्रभाव यह हुआ कि साल 2015- 16 में जहां 70 करोड़ ट्रांजैक्शन रिपोर्ट हुआ था, अब इनकी संख्या बढ़कर 144 करोड़ तक पहुंच गई. यूनिक डिडक्टीस की संख्या साल 2015-16 में 4.8 करोड से लगभग बढ़कर अब 9 करोड़ हो गई है.आप ये लेख KhabriExpress.in पर पढ़ रहे है. आपकी इस पोस्ट के बारे मे क्या राय है, मुझे कॉमेंट मे जरूर बताएं.
