महेंद्रगढ़ न्यूज़

IPS Divya Tanwar: हरियाणा के गांव की इस बेटी ने बिना कोचिंग पहली परीक्षा में पास की UPSC, बन गई आईपीएस अफसर

शिक्षा जगत :- बेटियां हमेशा देश का गौरव बढ़ाकर हमारा सिर ऊंचा करती आई हैं. हाल ही में Social Media पर एक और बेटी छाई हुई है जिसने UPSC की परीक्षा को पहली बार में ही पास कर दिखाया. यह परीक्षा भारत की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक मानी जाती है. इसे पास करना कोई आसान बात नहीं है. इसे पास करने के लिए लक्ष्य को निर्धारित करके दिन रात काफी मेहनत करनी पड़ती है. तब जाकर यह परीक्षा पास होती है.

divya tanwar

महेंद्रगढ़ जिले की बेटी बनी पहले Attempt में IPS Officer

बहुत सारे यानी लाखों की तादात में उम्मीदवार हर साल IAS, IFS, UPSC और CSE के लिए आवेदन भरते हैं. कड़ी मेहनत के बाद भी कुछ ही उम्मीदवार इस परीक्षा को पास कर पाते हैं. बहुत से Aspirants इस परीक्षा को पास करने के लिए बाहर बड़े बड़े शहरों में Coaching के लिए जाते हैं और कुछ बच्चे आर्थिक स्थिति मजबूत न होने की वजह से दिन रात Library में Self Study भी करते हैं. काफी संघर्ष का सामना करने के बाद ये सफलता हासिल कर पाते हैं. इस मुकाम तक ऐसे ही पहुंची हमारे मेंहद्रगढ़ जिले की बेटी दिव्या तंवर जो आज IPS Officer के पद पर नियुक्त है. आइए इस बेटी का परिचय करवाते हैं कौन है ये दिव्या तंवर.

21 साल की आयु में आई इतनी बढ़िया रैंक

दिव्या तंवर 2021 बैच की IPS अधिकारी है. ये एक बहुत बड़ी Achievement है. इन्होंने 21 साल की आयु में 2021 में AIR 438 के साथ UPSC की परीक्षा पास कर दिखाई. ऐसा करके दिव्या देश की अन्य बेटियों के लिए Role Model बन गई. उनके Videos भी Social Media पर तेजी से Viral हो रहे है. जिन्हे देखकर और सुनकर Motivation मिलता है.

कहाँ से हुई थी दिव्या तंवर की पढाई

IPS  दिव्या तंवर ने अपनी शुरुआत की पढ़ाई अपने गांव के सरकारी स्कूल में ही की. उसके बाद उनका Selection जिला महेंद्रगढ़ के नवोदय विद्यालय में हो गया. उन्होंने BSc. में स्नातक डिग्री ली. Graduation के तुरन्त बाद ही UPSC की परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी और 1.5 साल की तैयारी में ही UPSC की पहली परीक्षा Attempt कर ली. 2011 में उनके पिता के स्वर्गवास के बाद घर की आर्थिक स्थिति मजबूत न होने के कारण काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा.

कैसे पास किया देश का इतना बड़ा Exam

दिव्या तंवर पढ़ाई में होनहार होने के कारण उनकी मां बबीता ने उनका पूरा साथ दिया और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी किया. उन्होंने इस परीक्षा की तैयारी के लिए Different Type के Test Series और अलग अलग Online Sources की मदद ली. इसके बाद Prelims clear करके UPSC Coaching Mentorship में शामिल हुई. उनके पास आर्थिक स्थिति से निपटने के लिए कोई और Option नहीं था. फिर भी दिव्या के इस संघर्ष भरे सफर में उनकी मां ने उनका पूरा साथ दिया और आगे बढ़ने के लिए आर्थिक मदद भी करती रही.

Rohit

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