Lord Parshuram Postage Stamp: CM मनोहर लाल ने जारी किया भगवान परशुराम के नाम पर डाक टिकट, 11 दिसंबर 2022 को की थी घोषणा
चंडीगढ़ :- प्राचीन समय से ही संतो और महापुरुषों की शिक्षा व संदेश चले आ रहे है. संतों महात्माओं का स्थान हमेशा से ही ऊँचा रहा है. संतों महात्माओं की विचारधारा पर चलकर मनुष्य बुरे कर्मों को त्यागकर अच्छे कर्मों को अपने जीवन में उतारता है. संतों की विचारधारा को जन- जन तक पहुंचाने के लिए CM मनोहर सरकार द्वारा शुरू की गई ‘संत महापुरुष विचार सम्मान एवं प्रसार योजना’ सही मायने में धरातल पर नजर आ रही है. हरियाणा सरकार महापुरुषों की जयंतियों पर कई प्रकार की घोषणा करती हैं, जिन्हे सरकार कम से कम समय में पूरा करने का प्रयास करेगी.

संत महात्माओं को दे रही समान
संतों महात्माओं को याद रखने और उनके द्वारा दी गई शिक्षा का प्रचार- प्रसार करने के लिए उनकी जयंतिया मनाई जाती है. 11 December 2022 को CM ने करनाल जिले में भगवान परशुराम महाकुंभ के दौरान चिरंजीवी भगवान परशुराम जी के नाम पर डाक टिकट जारी करने का ऐलान किया था. डाक टिकट जारी करने की घोषणा के बाद से ही मनोहर लाल सरकार ने इस पर कार्य शुरू कर दिया था. परिणामस्वरुप आज CM मनोहर लाल द्वारा की गई घोषणा के तहत डाक टिकट जारी करने का कार्य पूरा कर लिया गया.
चिंरजीवी भगवान परशुराम जी के नाम पर डाक टिकट आज विधिवत रूप से जारी!@AshwiniVaishnaw@IndiaPostOffice pic.twitter.com/3qwysJPvrO
— Manohar Lal (@mlkhattar) April 5, 2023
आज की युवा पीढ़ी हो रही कर्तव्यों से विमुख
आज की पीढ़ी संत महात्माओं की विचारधारा से बिल्कुल परे है. वे अपने ही तौर- तरीकों से जीवन व्यतीत करते हैं. सरकार युवाओं संतों महात्माओं की याद में जगह- जगह मूर्तियां स्थापित कर रही हैं. CM ने समाज के सभी संत महात्माओं के सम्मान में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए कृतसंकल्प है और विभिन्न कार्यक्रमों में पहुंचकर महापुरुषों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं. आप ये लेख KhabriExpress.in पर पढ़ रहे है. आपकी इस पोस्ट के बारे मे क्या राय है मुझे कॉमेंट बॉक्स मे जरूर बताएं.
संत महात्माओं को किया जाना चाहिए प्रोत्साहित
CM द्वारा उठाए गए इस कदम में योगदान देने के लिए सूचना विभाग, भाषा एवं संस्कृति विभाग, लोक संपर्क विभाग ने मिलकर महापुरुषों को सम्मान देने का बीड़ा उठाया है. CM चाहते हैं कि समाज को प्रेरणा देने वाले संत महात्माओं का सम्मान करना चाहिए, साथ ही उन्हें समाज के हित में कार्य करते रहने के लिए प्रोत्साहित भी करना चाहिए. संत महात्माओं के कारण ही आज की युवा पीढ़ी अपने कर्तव्यों को समझ रही है.

