Weather Update: मौसम विभाग का नया अलर्ट जारी, अगले 24 घंटे मे इन राज्यों मे दस्तक देगा बिपरजॉय तूफान
नई दिल्ली Weather Update :- भारत में हर दिन मौसम बदल रहा है. जून शुरू होने के साथ Temperature बढ़ा लेकिन अब भी कहीं- कहीं बारिश देखने को मिल रही है. फिलहाल भारत में एक गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है. सबको इससे सावधान रहना होगा. भारतीय मौसम विज्ञान की तरफ से एक Alert जारी किया गया है. IMD के अनुसार आने वाले 24 घंटे खतरनाक साबित हो सकते है.

IMD ने दी चेतावनी
IMD ने Warning दी है कि दक्षिण- पूर्व अरब सागर के ऊपर एक गहरा Pressure चक्रवाती तूफान में बदल चुका है, इसका नाम बिपरजॉय रखा गया है. आईएमडी ने आज भी इसे लेकर चेतावनी दी है. IMD का कहना है कि पूर्व- मध्य अरब सागर के ऊपर बने गहरे दवाब का क्षेत्र अब तूफान बन गया है. इसकी वजह से आने वाले 24 घंटे में कोंकण के तटीय इलाके रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदर्ग के अलावा मुंबई, ठाणे, पालघर में तेज हवाओं के साथ बारिश होगी.
ले सकता है गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप
आईएमडी ने बताया कि यह गहरे दबाव का क्षेत्र 4 km/Hr की Speed के साथ लगभग उत्तर की तरफ गया और इसने एक चक्रवाती तूफान’ बिपरजॉय’ का रूप ले लिया. शाम साढ़े पांच बजे यह गोवा से करीबन 920 किलोमीटर पश्चिम- दक्षिण- पश्चिम, मुंबई से 1050 किलोमीटर दक्षिण- पश्चिम, पोरबंदर से 1130 किलोमीटर दक्षिण- पश्चिम और कराची से 1430 किलोमीटर दक्षिण में मौजूद था. धीरे-धीरे ऐसी स्थिति बन रही है कि यह एक बहुत ही गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है.
समुंदर में उठेंगी ऊंची लहरें
ऐसे में मछुआरों को समुद्र तट पर नहीं जाने को कहा गया है. क़्यूँकि केरल- कर्नाटक तटों और लक्षद्वीप- मालदीव में कोंकण- गोवा- महाराष्ट्र तट पर आठ से 10 जून तक समुद्र में बहुत ऊंची लहरें उठ सकती है. प्राइवेट मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर ने कहा था कि केरल में मानसून 7 जून को आ सकता है और यह 3 दिन पहले या बाद में हो सकता है.
8 या 9 जून को आ सकता है मानसून
मानसून ज़ब शुरू होता है लक्षद्वीप, केरल और तटीय कर्नाटक में लगातार दो दिनों में तय बारिश होती है. स्काईमेट वेदर का कहना है कि केरल में मानसून का आगमन 8 या 9 जून को हो सकता है परन्तु इस दौरान हल्की बारिश संभावित है. स्काइमेट ने बताया कि अरब सागर में मौसम की ये Strong प्रणालियां भीतरी क्षेत्रों में मानसून की दस्तक पर असर डाल सकती है. इसके Effect से मानसून तटीय भागों पर जा सकते है मगर पश्चिम घाटों से आगे जाने में उसे अभी वक़्त लगेगा.

