Milk Price Hike: 1 मार्च से दूध की कीमतों में होगी बड़ी बढ़ोतरी, 5 रुपये प्रति लीटर बढ़ सकते है दाम
नई दिल्ली (Milk Price) :- बढ़ती महंगाई के इस दौर ने लोगों की चिंता और मुश्किलें बढ़ा दी हैं. बढ़ती महंगाई ने सबसे ज्यादा आम जनजीवन को प्रभावित किया है. महंगाई के कारण सिलेंडर से लेकर रसोई के छोटे से छोटे मसाले तक के भाव आसमान छू रहे है. फिर ऐसे में दूध की कीमतें भी पीछे कहा रहने वाली है, समय के साथ बढ़ रही महंगाई में दूध की कीमतें भी एक बार फिर बढ़ने वाली हैं. 1 March 2023 से दूध की नई कीमतें लागू हो जाएंगी.

1 मार्च से लागू होंगी दूध की नई दरे
मुंबई दुग्ध उत्पादक संघ (MMPA) के अध्यक्ष CK द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मुंबई में 1 March 2023 से की कीमतो की बढ़ी दरे लागू हो जाएगी. 1 March से दूध की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से वृद्धि की गई है. उन्होंने बताया कि शहर में 3000 खुदरा विक्रेताओं द्वारा दूध- 80 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 85 रुपये प्रति लीटर किया जाएगा और 1 March से 31 August तक यह नया Rate लागू रहेगा.
सितंबर 2022 से लेकर अबतक की यह दूसरी बड़ी वृद्धि
बता दे कि समय- समय पर दूध की कीमतों में वृद्धि की जाती रही है. वही September 2022 से लेकर अब तक की यह दूसरी बार की गई बढ़ोतरी है. MMPA द्वारा लिए गए इस निर्णय ने आम जनजीवन की परेशानियों को बढ़ा दिया है. पिछली बार दूध की कीमत 75 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति लीटर की गई थी, जिससे कि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों का घरेलू बजट बिगड़कर रह गया है. अब एक बार फिर MMPA ने भैंस के दूध की कीमतें 80 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 85 रुपये प्रति लीटर कर दी है. बता दे कि मुंबई जैसे बड़े शहर में प्रतिदिन 50 लाख लीटर से अधिक भैंस के दूध की खपत होती है.
घास, चना- चुनी के रेट में हुई 15 से 25% तक वृद्धि
गुरुवार को MMPA के द्वारा आम सभा की बैठक की गई, जिसमे वार्तालाप के दौरान सामने आया कि समय के साथ- साथ घास, घास पिंडा की दरें, दाने के Rate, चना- चुनी आदि की कीमतें 15 से 25% तक बढ़ गई है. जिस वजह से पशुपालकों का खर्च भी बढ़ गया है. इसलिए MMPA ने सर्व सहमति से दूध की कीमतों में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया. उन्होंने बताया कि मुंबई में प्रतिदिन 50 लाख लीटर से अधिक दूध की खपत होती है जिसमें से 7 लाख से अधिक दूध की आपूर्ति MMPA द्वारा देश की वाणिज्यिक राजधानी से और उसके आसपास फैले अपने खेतों के माध्यम से, डेयरी और पड़ोस के खुदरा विक्रेताओं की श्रृंखला के माध्यम से की जाती है.

