गाड़ियों के लिए 1 अप्रैल से नए नियम होंगे लागू, अब चालान नहीं सीधे जेल जाएंगे ऐसे वाहन चालक
नई दिल्ली :- अगर आपके पास कोई पुरानी गाड़ी है तो आपके लिए यह खबर बेहद जरूरी है. वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने 1 अप्रैल 2025 से देशभर में पुराने वाहनों को लेकर सख्त नियम लागू करने का फैसला किया है. इन नियमों के जरिए सरकार वायु प्रदूषण पर नियंत्रण करना चाहती है. नए नियमों का असर वाहन स्क्रैपिंग और रजिस्ट्रेशन पर भी सीधा पड़ेगा. अगर किसी वाहन ने 15 साल पूरे कर लिए हैं और उसका रजिस्ट्रेशन (registration expiry rule) आगे नहीं बढ़ाया गया है, तो उसे घर में रखना भी गैरकानूनी माना जाएगा. वाहन मालिकों को 180 दिनों के भीतर इस वाहन को पंजीकृत स्क्रैपिंग या संग्रहण केंद्र में जमा कराना अनिवार्य होगा. ऐसा न करने पर मोटर व्हीकल एक्ट (motor vehicle act penalty) के तहत जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.

8 प्रतिशत स्क्रैपिंग अनिवार्य
सिर्फ वाहन मालिक ही नहीं, बल्कि वाहन निर्माण करने वाली कंपनियों को भी स्क्रैपिंग (scrapping certificate) को लेकर जवाबदेह बनाया गया है. कंपनियों को हर साल एक तय मात्रा में वाहनों की स्क्रैपिंग का प्रमाण-पत्र जमा करना होगा. तभी उन्हें नए वाहनों के निर्माण की अनुमति दी जाएगी. हालांकि, कृषि कार्य में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को इस नियम से बाहर रखा गया है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नए नियमों के तहत वर्ष 2005-06 के आधार पर गैर-परिवहन और वर्ष 2010-11 के आधार पर परिवहन वाहनों की स्क्रैपिंग (vehicle scrapping target) करनी होगी. वाहन निर्माता कंपनियों को स्टील और अन्य मेटल में न्यूनतम 8 प्रतिशत स्क्रैपिंग अनिवार्य रूप से पूरी करनी होगी. मंत्रालय ने राज्यों और कंपनियों को स्क्रैपिंग के प्रति जागरूकता फैलाने और लोगों को इसके लिए प्रोत्साहित करने का भी निर्देश दिया है.
15 साल से अधिक पुराने वाहन प्रतिबंधित
एनसीआर क्षेत्र में 15 साल से अधिक पुराने वाहनों (old vehicle rules NCR) को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है. वहीं, एनसीआर से बाहर के जिलों में यदि वाहन फिटनेस टेस्ट पास करता है तो वह हर 5 साल में फिटनेस प्रमाणपत्र (fitness certificate) लेकर सड़कों पर चला सकता है. यह नियम परिवहन और गैर-परिवहन दोनों श्रेणियों के वाहनों पर लागू होगा. नई स्क्रैपिंग नीति के अनुसार परिवहन वाहनों की अधिकतम उम्र 15 साल और गैर-परिवहन वाहनों (non-transport vehicle age limit) के लिए 20 साल निर्धारित की गई है. इसके बाद भी यदि वाहन फिट है तो रजिस्ट्रेशन को पांच साल की अवधि के लिए नवीनीकृत कराया जा सकता है.

