निर्मला सीतारमन ने बैंकों को लेकर जारी की नई अपडेट, यदि इस सरकारी बैंक में है खाता तो जान लें ये नया नियम
नई दिल्ली :- जिन- जिन ग्राहकों का खाता सरकारी बैंक में है, उनके लिए अच्छी खबर आई है. सरकारी बैंकों में खाता रखने वाले ग्राहकों के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ी जानकारी दी है. वित्त मंत्रालय ने बट्टे खाते में डाले गए खातों से वसूली की कम दर पर चिंता अभिव्यक्त की है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मंत्रालय ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को इसे बढ़ाकर 40% किया जाना चाहिए. फिलहाल बट्टे खाते में डाले गए खातों से वसूली दर 15% से कम है. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक March 2022 को समाप्त पिछले 5 वर्षों में बट्टे खातों से सिर्फ 14% राशि ही वसूल कर पाए है.

PSB ने की लाखों की वसूली
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस दौरान कुल 7.34 लाख करोड़ रुपए बट्टे खाते में डाले गए हैं जिसमें से PSB ने 1.03 लाख करोड़ रुपए की वसूली की है. ऐसा लग रहा है मानो Bank शशि कर्ज को बट्टे खाते में डालने के बाद उन्हें Non- Performing Asset से वसूली करके आत्मसंतुष्ट हो जाते हैं. उन्होंने कहा कि वसूली का यह स्तर स्वीकार्य नहीं होगा. बट्टे Accounts में डाले गए खातों से अधिक वसूली सीधे तौर पर उनके मुनाफे में बढ़ोतरी करेगा.
सरकारी अधकारियों के साथ होंगी जल्द बैठक
आप ये लेख KhabriExpress.in पर पढ़ रहे है. आपकी इस पोस्ट के बारे मे क्या राय है मुझे कॉमेंट बॉक्स मे जरूर बताएं. RBI द्वारा जारी दिशानिर्देशों और बैंको के निदेशक मंडलो द्वारा अनुमोदित नीति के अनुसार गैर- निष्पादित आस्तियां को बट्टे खाते में डालते हुए संबंधित बैंको को बही खातों से हटा दिया गया है. इसमें वें Non- Performing Asset में शामिल है जिसके लिए पूर्ण प्रावधान किया गया था. सूत्रों के अनुसार यदि इस स्थिति की समीक्षा करें तो वित्तीय आयोग जल्द ही Government बैंको के वरिष्ठ अधिकारियो के साथ बैठक करेगा.
क्या है NPA
अब मन में सवाल उठता होगा कि ये NPA क्या होता है. सीधे तौर पर कहा जाए तो Non- Performing Asset (NPA) एक फंसा हुआ कर्ज होता है. Loan लेने के बाद जब कर्जदाता किस्त चुकाने में असमर्थ हो जाता है तो Bank में रकम फंस जाती है, जिसे Non परफॉर्मिंग ऐसेट घोषित कर दिया जाता है. पिछले काफी वर्षों से NPA में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी, परंतु अब धीरे धीरे हालात बदल रहे है.
