नए साल पर RBI ने दिया 440 वॉल्ट का झटका, अब ग्राहकों को भरनी होगी ज्यादा EMI
नई दिल्ली :- Reserve Bank of India ने नए साल पर करोड़ों देशवासियों को एक बार फिर से Repo Rate बढ़ाकर नया झटका दे दिया है. केंद्रीय बैंक ने Credit Policy में बदलाव करते हुए ब्याज दरों में 0.25 फीसदी बढ़ोतरी की है. आपको बता दें कि RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने रेपो रेट में हुए इस बदलाव की घोषणा आरबीआई की मौद्रिक नीति नीति के बाद की है . Repo Rate में 25 Basis Point के Increment के बाद यह बढ़कर 6.50% हो गया है. आपको बता दें कि पहले Repo Rate 6.25% था. पिछले 3 दिन से चल रही मौद्रिक समीक्षा नीति की बैठक आज संपन्न हो गई.

3 साल में अनेक चुनौतियों का सामना किया
RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि पिछले करीब 3 साल में विभिन्न चुनौतियों के कारण दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों के लिए मौद्रिक नीति के स्तर पर चुनौती रही है. इससे पहले 7 दिसंबर को RBI की ओर से रेपो रेट में 35 Basis Point की बढ़ोतरी की गई थी. रेपो रेट बढ़ने का सीधा असर बैंकों की ओर से ग्राहकों को दिए जाने वाले Loan की ब्याज दर पर पड़ेगा. जिससे ग्राहकों को पहले से ज्यादा EMI देनी होगी. RBI की ओर से यह कदम बढ़ती महंगाई पर काबू पाने के लिए उठाया गया है.
रेपो रेट बढ़ने का असर
Repo Rate बढ़ने का असर Home Loan, Car Loan और Personal Loan की EMI पर भी पड़ेगा. आपको बता दें कि वित्त वर्ष 2022 – 23 में आर्थिक वृद्धि दर 7% रहने का अनुमान जताया गया है. रेपो रेट बढ़ने से Cost Of Borrowing यानी उधार की लागत भी बढ़ जाएगी. बैंकों से पैसा महंगा मिलेगा तो Loan की ब्याज दर में भी बढ़ोतरी होगी. बैंक इसका सीधा असर ग्राहकों पर डालेंगे.
क्या होती है रेपो रेट?
रेपो रेट वह दर है जिस पर किसी भी Bank को RBI की ओर से कर्ज दिया जाता है. बैंक इसी के आधार पर ग्राहकों को कर्ज देते हैं. इसके अतिरिक्त Repo Rate वह दर है जिस पर बैंकों की तरफ से जमा राशि पर RBI उन्हें ब्याज देती है. आरबीआई की रेपो रेट बढ़ने पर बैंकों के ऊपर बोझ बढ़ता है और इसकी भरपाई ब्याज दर बढ़ाकर बैंक ग्राहकों से ही करते हैं.
