Haryana News: हरियाणा के सरपंचों को रास नहीं आ रही ई-टेंडरिंग, पूरे हरियाणा मे सिर्फ काम करवाने के लिए पहुंचे 882 प्रस्ताव
हरियाणा सरकार की तरफ से 5 लाख से ऊपर के पंचायती कार्य को लेकर किसी प्रकार की कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है. अभी तक सरकार के पास केवल 882 प्रस्ताव ही आए हैं. सरकार की तरफ से केवल 219 के लिए टेंडर जारी किए गए हैं. सरकार पांच लाख रूपये से नीचे के प्रस्तावों को प्राथमिकता दे रही है. जब सरकार की तरफ से 2 लाख रूपये से ऊपर के कार्य के लिए ई- टेंडरिंग जारी की गई थी, तब सरपंचों की तरफ से इसका विरोध भी किया गया था. उस समय सरपंचों ने आंदोलन भी किया था. 5 लाख रूपये से ज्यादा के कम ही प्रस्ताव सरकार के पास आए हैं.प्रदेश सरकार की तरफ से आम नागरिकों के लिए कई योजनाएं चलाई जाती है.
चंडीगढ़ :- हरियाणा सरकार की तरफ से प्रदेश के नागरिकों के लिए कई प्रकार की योजना चलाई जा रही है. वही समय-समय पर Government की तरफ से कई बड़ी घोषणाएं भी की जाती है. इसके विपरीत, जब इन पर अमल करने की बात आती है तो आंकड़े कुछ और ही होते हैं. हरियाणा पंचायत की तरफ से विकास कार्यों की राशि 2 लाख रूपये से बढ़ाकर 5 लाख रूपये की गई थी. वही अब हरियाणा पंचायत 5 लाख रूपये से ज्यादा की राशि खर्च करके विकास कार्य करने में कोई भी रुचि नहीं दिखा रही है.

सरकार नहीं दिखा रही इन प्रस्तावों को लेकर दिलचस्पी
बता दें कि पिछले ढाई महीने में 5 लाख रूपये से ऊपर के मात्र 882 प्रस्ताव सरकार के पास आए हैं, परंतु सरकार की तरफ से इन प्रस्तावों को लेकर कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है. अभी तक सरकार ने 219 प्रस्तावों के टेंडर जारी किए है. इसके विपरीत 5 लाख रूपये से नीचे के जितने भी ई टेंडरिंग के कार्य है, सरकार उनको प्राथमिकता देने में लगी हुई है. बता दे कि पहले सरकार की तरफ से 2 लाख रूपये की राशि से अधिक के विकास कार्यों को ई-टेंडरिंग से कराने को लेकर भी आदेश जारी किया गया था. इसके बाद सरपंचों ने इसका काफी समय तक विरोध किया और आंदोलन भी चलाया.
5 लाख रूपये से ऊपर के केवल 48 प्रस्ताव
17 अप्रैल के बाद सरकार ने 2 लाख रूपये की राशि को 5 लाख रूपये तक बढ़ाने का फैसला लिया. अब 5 लाख रूपये से ऊपर की राशि के कार्यों की ई टेंडरिंग होती है. हिसार जिले में 260 पंचायतों से विकास कार्यों के 24 करोड़ से ज्यादा के 724 प्रस्ताव सामने आए है. वही भिवानी के 312 ग्राम पंचायतों से भी 2 लाख से 5 लाख रूपये तक के सभी गांवों से प्रस्ताव आए हैं, हालांकि सरकार के पास पांच लाख से ऊपर के केवल 48 ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव ही आए है.

