सरकार और सरपंचों के बीच फंसा गांव का विकास, डेढ़ माह से केवल 13 कार्यों के ही हुए वर्क Order
चंडीगढ़ :- गांव के विकास कार्यों को करने की जिम्मेदारी सरपंचों पर होती है. सरपंच और सरकार मिलकर गांव के विकास के लिए कार्य करती हैं. परंतु अब ग्राम पंचायतों मे E- Tendering व्यवस्था लागू कराने को लेकर हरियाणा सरकार और सरपंचों के बीच पेंच फंस गया है. जिस कारण गांव में कोई विकास कार्य नहीं हो पा रहा है, और ना ही कोई नई व पुरानी व्यवस्था लागू हो पा रही है. इसका सीधा असर ग्रामीणों पर पड़ रहा है. सरपंच और सरकार के बीच की इस खींचातानी में ग्रामीण लोग फसकर रह गए है.

सरकार और सरपंच के बीच उलझा पेंच
बता दें कि नई पंचायत का गठन हुए पूरे 3 महीने हो चुके हैं, परंतु इस दौरान केवल 13 विकास कार्यों के ही वर्क Order जारी हुई है. सरपंच चाहते हैं कि वे गांव को पूरी तरह से विकसित बनाएं, परंतु सरकार केवल 2 लाख से अधिक के काम ई- टेंडरिंग पर करवाने के लिए अड़ी हुई है. सरकार के पास अभी तक केवल 57 फीसदी पंचायतों ने ही विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव भेजे हैं, जबकि शेष पंचायतों ने अभी तक कोई भी प्रस्ताव नहीं भेजा है. अब तक हरियाणा सरकार के पास 2 लाख से तक के 2171 प्रस्ताव आ चुके है, जबकि 2 लाख से ऊपर के 1542 प्रस्ताव आए हैं जिनमें से 524 को स्वीकृति मिल चुकी है और 375 के टेंडर जारी हो चुके हैं.
मात्र 57 फीसदी पंचायतों ने दिया प्रस्ताव
पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली ने बताया कि 57 फीसदी पंचायते विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव दे चुकी है, जबकि बाकी भी इस कार्य में लगी हुई है, उन्होंने कहा कि कुछ सरपंच इसका विरोध कर रहे हैं. हमें विश्वास है कि जल्द ही हम सब सरपंचो को समझाने में कामयाब होंगे. अभी तक 13 Work आर्डर ही जारी हुए हैं, जिसमे से 8 Karnal से, 4 फतेहाबाद और 1 टेंडर Rohtak जिले का शामिल है. वही सरपंच एसोसिएशन रविंद्र कुमार का कहना है कि जब तक सरकार हमारी इस मांग को नहीं मानेगी तब तक यह आंदोलन ऐसे ही जारी रहेगा.
डिटेल्ड डाटा
जिला कुल पंचायत प्रस्ताव दिए प्रस्ताव नहीं दिए 2 लाख तक कार्य 2 लाख से ऊपर कार्य
- हिसार 307 159 159 68 34
- भिवानी 312 177 135 99 98
- जींद 302 106 19 61 21
- कुरुक्षेत्र 403 130 273 98 48
- सिरसा 399 183 156 57 55
- झज्जर 247 140 107 54 54
- पलवल 263 162 101 78 68
- रोहतक 142 89 53 160 66
- गुरुग्राम 157 89 68 68 60
- कैथल 277 157 120 141 111
- झज्जर 247 140 107 54 54
- पंचकूला 135 100 35 103 83
- अंबाला 400 173 227 140 110
- सोनीपत 318 166 152 89 73
- पानीपत 178 120 58 111 93
- रेवाड़ी 365 241 124 95 72
- महेंद्रगढ़ 343 237 106 169 84
- फरीदाबाद 100 99 1 49 44
- नूहँ 325 214 111 127 93
- चरखी दादरी 165 102 63 90 87
- यमुनानगर 490 293 197 14 7

