Haryana Cabinet Metting: हरियाणा की कैबिनेट मीटिंग मे बड़ा फैसला, BC-A आरक्षण को मिली मंजूरी
चंडीगढ़ :- सोमवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में Cabinet की बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में शहरी स्थानीय निकायों में BC-A के राजनीतिक आरक्षण अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए इस बैठक का आयोजन किया गया था. बैठक में CM ने हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग की Report पर मुहर लगा दी है. आयोग की अध्यक्षता पूर्व न्यायाधीश पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति दर्शन सिंह ने नागरिकों के पिछड़े वर्गों की राजनीतिक पिछड़ेपन की आकलन के लिए जांच की.

BC-A पिछड़े वर्गों का कोई प्रतिनिधित्व नहीं
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति सेवानिवृत्त दर्शन सिंह ने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि नागरिकों को पिछड़े वर्गों BC-A का राजनीतिक व्यवस्था में पिछड़े वर्गों का कोई पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है, इसलिए स्थानीय निकाय नगर पालिका के Election में आरक्षण के समर्थन की जरूरत है. प्रत्येक नगरपालिका, नगरनिगम और नगरपरिषद का पद नागरिकों के Block-A के पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षित होगा. अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या के साथ जोड़ने पर यदि उसकी कुल संख्या नगर निकाय की कुल 50% से अधिक हो जाती है तो कुछ टाइम के लिए आरक्षित सीट की संख्या को वहीं तक रखा जाएगा.
शहरी स्थानीय क्षेत्र की कुल आबादी नागरिक पिछड़े वर्ग की होंगी आधी
शहरी स्थानीय क्षेत्र और उस शहरी स्थानीय क्षेत्र की कुल आबादी नागरिकों के पिछड़े वर्ग की आबादी के आधे प्रतिशत तक होगी. यदि दशमलव मान 0.5 ज्यादा है तो इसे अगले उच्च पूर्णांक तक पूर्णाकित किया जाएगा. परंतु इसके लिए शर्त यह है कि यदि Block- A की आबादी सभा क्षेत्र की कुल आबादी की 2% या इससे अधिक हो. शीर्ष निदेशालय के निर्देशानुसार आरक्षण किसी भी नगर निकायों में अनुसूचित और पिछड़े वर्ग के पक्ष में आरक्षित सीटों के कुल से 50% से अधिक नहीं होगा.
आरक्षण के लिए शर्त
जानकारी के लिए बता दें कि BC-A के लिए आरक्षित सीटों की संख्या को वही तक रखा जाएगा जहां तक की अनुसूचित जाति और BC-A का आरक्षण नगरपालिका, नगरनिगम और नगर परिषद के सदस्य की कुल सीटों का 50% से अधिक न हो. Report में बताया गया है कि आरक्षित सीटों की संख्या अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या के साथ जोड़ने पर यदि उनकी कुल संख्या नगर में अनुसूचित जातियों के 50% से अधिक हो जाती है तो पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित सीटों की संख्या को वही तक रखा जाएगा. आप ये लेख KhabriExpress.in पर पढ़ रहे है. आपकी इस पोस्ट के बारे मे क्या राय है मुझे कॉमेंट बॉक्स मे जरूर बताएं.
12.5 सीटें पिछड़े वर्ग के लिए होंगी आरक्षित
बैठक में जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि शहरी स्थानीय Block- A नागरिकों के पिछड़े वर्ग के Block- A की पिछड़े वर्ग की आबादी कुल शहरी स्थानीय क्षेत्र की आबादी का 25% है तो 12.5 प्रतिशत पिछड़े वर्ग के ब्लॉक A के नागरिकों के लिए आरक्षित होगी. अनुसूचित जाति की जनसंख्या शहरी स्थानीय निकायों की अपेक्षा 40% अधिक है जबकि शहरी क्षेत्रों में 10% सीटें है तो अनुसूचित जाति के लिए 4 सीटें आरक्षित होंगी. वही पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए नगर पालिका में 1 सीट आरक्षित होगी.

