Unacademy Roman Saini: यह गजब बन्दा 16 साल में डॉक्टर और 22 साल में बना IAS, और फिर सब छोड़-छाड़कर कर दिया ये तगड़ा काम
नई दिल्ली,Unacademy Roman Saini :- आज की इस खबर में हम एक ऐसे ही शख्स के बारे में बातचीत करेंगे जिन्होंने अपने लक्ष्य को पाने के लिए डॉक्टर और आईएएस जैसी प्रतिष्ठित नौकरियों को छोड़ दिया और आखिरकार अपना लक्ष्य हासिल कर लिया. हम रोमन सैनी की बात कर रहे हैं, जिन्होंने अपने जीवन में एक- दो नहीं बल्कि तीन-तीन मुश्किल लक्ष्य को हासिल करके यह साबित कर दिया कि यदि आप जीवन में ठान ले, तो कुछ भी मुश्किल नहीं है.

21 साल की उम्र में ही बन गए थे डॉक्टर
दिखने में रोमन सैनी काफी साधारण है, वही प्रतिभा के मामले में वह उतने ही गुणी है. राजस्थान के रहने वाले रोमन सैनी ने केवल 16 साल की उम्र में AIIMS जैसी मुश्किल परीक्षा पास की. रोमन ने एम्स मेडिकल परीक्षा पास कर 21 साल में ही डॉक्टर की डिग्री हासिल कर ली है. इसके बाद उन्होंने AIIMS के NDDTC में काम करना शुरू कर दिया. एक इंटरव्यू में रोमन ने कहा था कि साल 2011 में मैं कई मेडिकल कैंप में गया. जहां के हालात देखकर मैंने महसूस किया कि गरीबी कितनी खतरनाक चीज है. उस समय में लोग सेहत, साफ सफाई और पानी की समस्याओं को लेकर भी जागरूक नहीं थे.
डॉक्टर के बाद क्लियर की यूपीएससी की परीक्षा
उस दौरान मुझे लगा था कि मैं डॉक्टरी के पेशे मे आकर इन सभी समस्याओं को दूर नहीं कर सकता, इसलिए मैंने सिविल सर्विस में जाने का फैसला किया. उसके 6 महीने बाद ही नौकरी छोड़ दी और फिर देश की सबसे मुश्किल परीक्षा यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी. एम्स जैसे बड़े अस्पताल में डॉक्टर बनने के बाद भी रोमन ने नौकरी छोड़ दी, उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी और 1 साल जी तोड़ मेहनत की. उन्होंने आईएएस की परीक्षा क्लियर की. 22 साल की उम्र में यूपीएससी की परीक्षा पास करके वह आईएएस ऑफिसर बन गए. हालांकि उसके बाद भी वह अपने करियर में यहां नहीं रुके. आईएएस अधिकारी बनने के बाद रोमन सैनी के मन में एजुकेशन सिस्टम को लेकर बार-बार सवाल उठ रहे थे, फिर उन्हें समझ आया कि असली प्रॉब्लम हमारे एजुकेशन सिस्टम में है और मुझे इसे खत्म करना है.
दोस्तों के साथ मिलकर शुरू किया नया स्टार्टअप
देश की कठिन परीक्षा पास करके आईएएस पद हासिल करने के बाद भी, उन्होंने फिर से नौकरी से इस्तीफा दे दिया. 1 साल 8 महीने तक सहायक कलेक्टर के तौर पर काम किया. रोमन एजुकेशन के लिए काम करना चाहते थे, इसीलिए उन्होंने अपनी सरकारी नौकरियों से भी इस्तीफा दे दिया. इसके बाद उन्होंने अपने दो दोस्त गौरव मुंजाल और हिमेश सिंह के साथ मिलकर नया स्टार्टअप शुरू किया. रोमन सैनी ने बेंगलुरू में अनअकैडमी स्टार्टअप की शुरुआत की. इसके पीछे इनका मुख्य उद्देश्य यूपीएससी कोचिंग के लिए छात्रों को एक प्लेटफार्म देना था. इसी मकसद से उन्होंने इस स्टार्टअप की शुरुआत की. जिससे लोगों को कोचिंग पर लाखों रुपए खर्च करने की जरूरत ना पड़े. इस प्रकार इन्होंने कुछ साल मेहनत करके ही कंपनी को 15000 करोड़ रूपये का बना दिया.
शिक्षा जगत में लाए बड़ी क्रांति
बता दें कि अनअकैडमी का सालाना टर्नओवर 15000 करोड़ रूपये को पार कर चुका है. शुरुआत में यहां पर केवल यूपीएससी की तैयारी करवाई जाती थी, बाद में धीरे-धीरे इसे इंजीनियरिंग, मेडिकल, स्कूल एजुकेशन तक बढ़ा दिया गया. अनअकैडमी के कोफाउंडर रोमन सैनी ने एजुकेशन के सेक्टर में एक बड़ी क्रांति ला दी. उन्होंने कभी भी पैसों का लालच नहीं किया. जहां गौरव मुंजाल अनअकैडमी के सीईओ के तौर पर 1.58 करोड़ रूपये सैलरी देते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार साल 2022 में रोमन को 88 लाख रुपये सैलरी मिलती थी. आप ये लेख KhabriExpress.in पर पढ़ रहे है. आपकी इस पोस्ट के बारे मे क्या राय है, मुझे कॉमेंट मे जरूर बताएं.

