Haryana Weather: हरियाणा के कई जिलों में तेज बारिश और ताबड़तोड़ ओलावृष्टि, अभी राहत के आसार नहीं
हिसार :- हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से Weather परिवर्तनशील बना हुआ है, जिस कारण कई जिलों में बादलवाही, बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिल रही है. Saturday को कई जिलों में बारिश हुई, वहीं अंबाला जिले में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई. जबकि झज्जर जिले में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी देखने को मिली. बेमौसम बारिश फसलों के लिए नुकसानदायक होती है, परंतु गनीमत रही कि अबतक इस बारिश से फसलों में कोई नुकसान नहीं देखने को मिला. यदि ओर अधिक बारिश या ओलावृष्टि होती है तो फसलों को नुकसान पहुंचने की संभावना बढ़ सकती है.

अंबाला जिले में दर्ज की गई सबसे अधिक बारिश
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार Sunday को भी मौसम में थोड़ा बहुत बदलाव देखने को मिला जिस कारण कुछ जगहों पर हल्की फुल्की बारिश हुई. वहीं Saturday को अंबाला जिले में सबसे अधिक 7.3mm, कुरुक्षेत्र जिले में 6.5mm, हिसार में 4.4mm और रोहतक जिले में 0.8mm बारिश दर्ज की गई. इसके अलावा गुरुग्राम, पंचकूला में हल्की- फुल्की बारिश दर्ज की गई जबकि सिरसा और फतेहाबाद में कोई बूंदाबांदी नहीं हुई. Bhiwani के कई इलाकों में भी बारिश देखने को मिली बारिश के बाद जिले में मौसम सुहावना हो गया.
तोशाम में हुई बारिश ने खोलकर रख दी प्रशासन की पोल
चरखी दादरी जिले में सामान्य बारिश देखने को मिली, जबकि तोशाम में हुई बारिश के कारण जलभराव की स्थिति पैदा हो गई. तोशाम के मुख्य बाजार में 3- 3.5 फुट तक बारिश का पानी जमा हो गया. जिस वजह से राहगीरों को आवागमन में काफी समस्या हुई. जलभराव की समस्या को लेकर सांसद व प्रशासन को पत्र लिखा गया है. 20 मिनट की बारिश ने तोशाम प्रशासन द्वारा करवाए गए विकास कार्यों की पोल खोलकर रख दी है. वही हवा और बारिश की वजह से गेहूं की कच्ची फसलें जमीन में बिछ गई है, जिस वजह से किसानों के चेहरों पर निराशा छा गई. इसके अलावा ढीगावा मंडी, जुई, कैरू में भी हल्की बूंदाबांदी देखने को मिली. भिवानी शहर में हल्की बूंदाबांदी हुई जबकि थोड़ी देर बाद ही मौसम सुहावना हो गया.
अधिक बारिश होने पर फसलों को हो सकता है नुकसान
कृषि उपनिदेशक डॉ आत्माराम गोदारा में जानकारी देते हुए बताया कि फिलहाल अब तक हुई बारिश की वजह से फसलों में नुकसान की आशंका कम है. यदि इससे अधिक बारिश या ओलावृष्टि होती है तो फसलों को अधिक नुकसान हो सकता है. बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जिले में अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया. वहीं जिले का AQI 126 तक दर्ज किया गया. किसानों का डर अभी खत्म नहीं हुआ है क्योंकि फिलहाल भी मौसम में बदलाव बना हुआ है.

