गुरुग्राम में नई मेट्रो लाइन बिछाने पर काम हुआ शुरू, इस 15 किमी लंबे रूट पर बनाए जाएंगे 14 नए स्टेशन
गुरुग्राम :- हरियाणा को बहुत जल्द एक और नई मेट्रो लाइन की सौगात मिलने जा रही है, जिससे दिल्ली- NCR क्षेत्र में लोगों की पहुंच आसान हो सकेगी. गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) नई मेट्रो लाइन के पहले चरण का निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारियां शुरू कर चुका है. इस प्रोजेक्ट में हुड्डा सिटी सेंटर से गुरुग्राम के सेक्टर- 9 तक 15.2 किलोमीटर लंबे वायडकट और 14 एलिवेटेड स्टेशनों का निर्माण शामिल रहेगा. इस हिस्से के निर्माण पर अनुमानित लागत 1286 करोड़ रूपए आंकी गई है.

2027 में पूरा होने की उम्मीद
हाल ही में GMRL ने निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी किया था. 22 अप्रैल को बोलियां खोली जाएगी और उसके तुरंत बाद सफल बोली लगाने वाले को काम शुरू करने का आदेश जारी कर दिया जाएगा. अगर प्रोजेक्ट तय समय के अनुसार आगे बढ़ता है तो नई मेट्रो लाइन का पहला खंड जून, 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है.
28.5 किलोमीटर हैं पूरा प्रोजेक्ट
28.5 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट में 1.85 किलोमीटर लंबा बसई गांव से द्वारका एक्सप्रेस-वे तक का हिस्सा भी शामिल हैं. हुडा सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक चलने वाला मुख्य 26.65 किलोमीटर का कॉरिडोर एलिवेटेड होगा, जिसमें 27 जगहों पर स्टेशन बनेंगे. इसमें हुडा सिटी सेंटर पर दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन के साथ एक डिपो इंटरचेंज भी होगा, जो गुरुग्राम और दिल्ली के महत्वपूर्ण हिस्सों के बीच सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा.
इन जगहों पर बनेंगे स्टेशन
हरियाणा की नई मेट्रो लाइन हुडा सिटी सेंटर से शुरू होगी. इसमें सेक्टर- 45, सेक्टर- 46 (साइबर पार्क), सेक्टर- 47, सुभाष चौक, सेक्टर- 48, सेक्टर- 33, हीरो होंडा चौक, उद्योग विहार- 6, सेक्टर- 10, सेक्टर- 37, बसई और सेक्टर- 9 के स्टेशन शामिल होंगे. एक स्पर सेक्टर- 101 स्टेशन पर बसई को द्वारका एक्सप्रेसवे से भी जोड़ेगा.
कंट्रोल रूम होगा स्थापित
नई मेट्रो लाइन के टेंडर के अनुसार, जो भी ठेकेदार चयनित होगा, वह वायडक्ट संरेखण का विस्तृत सर्वेक्षण करने, ट्रैक सपोर्ट और वाणिज्यिक क्षेत्रों सहित स्टेशन संरचनाओं का निर्माण करने के लिए जिम्मेदार होगा. इसके अलावा, कार्यालयों और कार्य स्थलों के बीच संचार लिंक के लिए एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया जाएगा.
प्रोजेक्ट का महत्व
- गुरुग्राम के रैपिड अर्बनाइजेशन को स्पोर्ट करेगा.
- दिल्ली- NCR के बीच यात्रा को आसान और तेज बनाएगा.
- पर्यावरण के अनुकूल पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देगा.
- प्रॉपर्टी की कीमतों और कमर्शियल एक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा.

