Haryana CET News: CET परीक्षा का इंतजार कर रहे युवाओं को तगड़ा झटका, Haryana CET पर कोर्ट ने दिया स्टे
चंडीगढ़, Haryana CET News :- पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट की तरफ से हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) को बड़ा झटका दिया गया है. काफी लम्बे समय से अभ्यर्थी CET परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं. आख़िरकार विभाग ने मेंस परीक्षा के आवेदन का पोर्टल भी खोल दिया. परन्तु अब कोर्ट के जारी आदेशों के कुछ युवाओं के लिए परेशानियां बढ़ा दी हैं.

हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका
हाईकोर्ट ने CET के कुछ पदों पर स्टे लगा दिया है. आपको बता दें कि Highcourt ने सीड सर्टिफिकेशन ऑफिसर (SCO) और माइनिंग इंस्पेक्टर की भर्ती प्रक्रिया को रोक दिया है. कोर्ट ने Order दिए है कि आयोग इन पदों को छोड़कर बाकी शेष पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी रख सकता है. दरअसल हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है जिसमें पिंकी और अन्य ने हाईकोर्ट से कहा कि हरियाणा सरकार ने Group C व D के पदों को सीईटी (Common Eligibility Test) के माध्यम से भरने का फैसला किया गया है. इसके लिए सरकार ने रजिस्ट्रेशन शुरू किया और ग्रुप सी के लिए पिछले November में परीक्षा का आयोजन किया. इस दौरान जिन पदों को भरने का फैसला लिया गया था उनमें सीड सर्टिफिकेशन ऑफिसर व माइनिंग इंस्पेक्टर के पद शामिल नहीं थे.
पंजीकरण होने के बाद भी नहीं दी परीक्षा
याचिकाकर्ता संबंधित विभाग में Contract के आधार पर कार्यरत थे और इन पदों के Advertisement में न होने के चलते उन्होंने Registration के बाद भी परीक्षा नहीं दी. इसके बाद, आयोग ने सीड सर्टिफिकेशन ऑफिसर के 33 व माइनिंग इंस्पेक्टर 74 पदों का भी विज्ञापन जारी कर दिया और सीईटी के आधार पर इन्हें भरने की घोषणा की. कोर्ट की तरफ से इस भर्ती पर रोक लगाने को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता श्वेता ढुल ने भी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उनका कहना है कि आयोग ने इन पदों की भर्ती प्रक्रिया के लिए भी कोई शातिराना रवैया अपनाया है. जिसके बारे में वह बाद में चर्चा करेंगी.
CET में ~33 seed certification officer व 74 mining अफसर की posts पर माननीय उच्च न्यायालय ने stay कर दिया है.
क्यूँ?
यह कल समय लगते ही बताती हूँ कि क्या शातिराना रवैया अपनाया गया है कमीशन द्वारा इन posts के साथ.#श्वेता_ढुल pic.twitter.com/Fogct6PFcg— Shweta Dhull (@ShweDhull) May 18, 2023
इन पदों के लिए दावा करने से वंचित रह गए उम्मीदवार
याचिकाकर्ताओं ने बताया कि आयोग के इस फैसले से याचिकाकर्ता इन पदों के लिए दावा करने से वंचित रह गए हैं. यदि याचिकाकर्ताओं को इस बारे में ज्ञात होता कि इन पदों के लिए भी विज्ञापन जारी होगा तो वह नवंबर 2022 में आयोजित की गई परीक्षा अवश्य देते. हरियाणा सरकार की तरफ से याचिका का विरोध करते हुए कहा गया कि सरकार ने साफ किया था कि ग्रुप सी व डी के सभी पदों को सीईटी से ही भरा जाएगा.

