HKRN Update: हरियाणा सरकार के दावे ग्राउंड लेवल पर फैल, HKRN के तहत लगे 8 कर्मचारियों को वन विभाग ने निकाला
चंडीगढ़, HKRN Update :- जैसा कि आप सभी जानते हैं हरियाणा में ठेकेदारी प्रथा को खत्म करने के लिए सरकार की तरफ से हरियाणा कौशल रोजगार निगम (Haryana Kaushal Rojgar Nigam) का गठन किया गया है. सरकार द्वारा हरियाणा कौशल रोजगार निगम को गठित करने का सबसे बड़ा कारण भ्रष्टाचार को कम करना था. हरियाणा कौशल रोजगार निगम के बारे में सरकार का कहना था कि इसके माध्यम से होने वाले सभी भर्तियां पारदर्शी होंगी.

विभाग के पास उपलब्ध नहीं पर्याप्त बजट
एक ओर तो सरकार द्वारा बनाये गए हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से नौकरियां दी जा रही हैं वहीं, वन विभाग ने कौशल निगम के तहत ‘भर्ती हुए 8 कर्मचारियों की सेवाएं खत्म कर दी हैं. वन विभाग का कहना है कि इन कर्मचारियों के लिए Department के पास Enough बजट उपलब्ध नहीं है, इसलिए इनकी सेवाएं बंद की जा रही हैं. वन विभाग ने कंप्यूटर आपरेटर रोहित इंदौरा, अंकुश, प्रवीन, विशाल, चपरासी हर्ष, मनदीप, आशीष और सफाईकर्मी गुरजीत की सेवाएं समाप्त कर दी है. ऐसे में हरियाणा सरकार HKRN को लेकर जो दावे कर रही है वह सभी Ground Level पर Fail दिखाई दे रहे हैं.
1 साल पहले दी गई थी नियुक्ति
इस बारे में वन विभाग ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम को पत्र भी जारी कर दिया है. आपको बता दें कि इन सभी कर्मचारियों को 1 साल पहले मंडल अधिकारी बीज संग्रह पिंजौर में नियुक्त किया गया था. इन्हें 1 साल के लिए नियुक्ति दी गई थी इसके बाद इनके Contract को आगे बढ़ाया जाना था. परंतु विभाग ने बजट पर्याप्त मात्रा में न होने का कारण देकर इनकी Services बंद कर दी और उन्हें नौकरी से बाहर कर दिया. 1 साल नौकरी करने के बाद इन कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है.

