HSSC CET Update: HSSC के अध्यक्ष भोपाल सिंह खदरी का बड़ा दावा, अधिकतर गलतियों के लिए उम्मीदवार जिम्मेदार
पंचकूला :- जैसा कि आप सभी जानते हैं हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने अभी दो-तीन दिन पहले ही संशोधित परिणाम जारी किया है. Result के जारी होते ही उम्मीदवारों ने आयोग पर आरोप लगाना शुरू कर दिया है. उम्मीदवारों ने रिजल्ट में कई तरह की खामियां बताई है और इन सब के लिए आयोग को जिम्मेदार ठहराया है. उम्मीदवारों ने बताया है कि ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में होने के बावजूद उन्हें जनरल में दर्शाया गया है किसी के सामाजिक आर्थिक मानदंड के अंक वापस लेने के बाद भी रिजल्ट में जोड़े गए हैं और एक्स सर्विसमैन आवेदकों को भी जनरल कैटेगरी में दिखाया गया है.

इस महीने के आखिर तक शुरू होगी परीक्षा की प्रक्रिया
ऐसे में इस पर आयोग ने भी संज्ञान लिया है और त्रुटियों को ठीक करना शुरू कर दिया है. बाद में ग्रुप के अनुसार कटऑफ भी जारी हो सकती है जिससे उम्मीदवारों को आपत्ति हो सकती है. ऐसे में कहा जा रहा है कि इस महीने के आखिर तक Group C की मुख्य परीक्षा की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. पर इस बारे में कोई दावा नहीं किया जा सकता कि प्रक्रिया जुलाई में ही शुरू हो जाएगी. जब HSSC के चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी से इन खामियों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ज्यादातर खामियों के लिए आवेदन खुद जिम्मेदार हैं.
सॉफ्टवेयर और आयोग की नहीं कोई भी गलती
इस बारे में बताते हुए चेयरमैन ने कहा कि कई एक्स सर्विसमैन आवेदकों ने No Job और ESM दोनों पर टिक कर रखा था, वहीं कुछ ने ESM और जनरल दोनों कॉलम में टिक किया है. कोई एक्स सर्विसमैन किस प्रकार नो जॉब के अंक ले सकता है. उन्होंने बताया कि Software सिर्फ उसी कॉलम का उठाएगा जो भरा गया होगा इसमें सॉफ्टवेयर और आयोग की कोई गलती नहीं है. चेयरमैन का कहना है कि कुछ उम्मीदवार जानबूझकर गलती छोड़ रहे हैं ताकि यह भर्ती अटक जाए और भर्ती प्रक्रिया पूरी ना हो पाए.
सिर्फ दो बच्चों को मिल सकते हैं फादरलेस के अंक
अध्यक्ष ने बताया कि ऐसे उम्मीदवार भी देखें गए है जिन्होंने बताया कि उन्हें फादरलेस के अंक नहीं मिले. जब उनका Form चेक किया गया तो पाया गया कि वह तीसरा बच्चा है, जबकि फादरलेस के अंक सिर्फ तो 2 बच्चों को मिल सकते हैं. आगे बताते हैं उन्होंने कहा कि ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के उम्मीदवारों का जब Record चेक किया गया तो उन्होंने जनरल कैटेगरी को भी टिक किया हुआ है व ईडब्ल्यूएस को भी. अध्यक्ष ने बताया कि परिवार पहचान पत्र में कहीं भी एससी, बीसी, EWS नहीं लिखा गया है और सारा डाटा परिवार पहचान पत्र से लिया गया है इसलिए उनकी सही कैटेगरी के बारे में पता नहीं चल पाया है.
आवेदकों ने नहीं लिए अंक वापस
अध्यक्ष ने बताया कि कुछ उम्मीदवार शोर मचा रहे हैं कि उन्होंने सामाजिक आर्थिक मानदंड के अंक छोड़ दिए हैं मगर अंक कटे नहीं. इस पर अध्यक्ष ने कहा कि ज़ब इनकी Checking की गई तो पाया गया है कि कई आवेदकों ने कई बार अपना आवेदन अपडेट किया लेकिन अंक वापस नहीं लिए. ऐसे में सॉफ्टवेयर कैसे उन्हें वापस कर सकता है और इसीलिए अंक जोड़कर रिजल्ट दिखाया गया है. HSSC अध्यक्ष से जब परीक्षा के Schedule के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि फिलहाल तो आयोग द्वारा त्रुटियों को सुधारने के लिए अपने स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं.
15-16 जुलाई के बाद आएगा परीक्षा का शेड्यूल
इसके बाद ग्रुप अनुसार Cut Off जारी की जाएगी. अध्यक्ष ने बताया कि निश्चित तौर पर परीक्षा का शेड्यूल 15-16 जुलाई के बाद आ जाएगा. जब उनसे पूछा गया कि कुछ उम्मीदवारों ने आंसर की पर भी आपत्ति जताई थी मगर उस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया तो इस पर अध्यक्ष ने कहा कि आंसर की की आपत्तियों को पहले ही देखा जा चुका है तथा उसके बाद ही रिजल्ट जारी किया गया है.


Hssc ki bahut jyada galti rahti hai,ab aap khud hi dekh le TGT ka result jari kar diya.candidates ko ye bhi nahi pta kitne number walo ko document verification k liye pass kiya hai. Or nahi category wise results out kiya. Ager Hssc TGT ka result category wise out ker dete, or ye bhi clear kar date ki itne number walo ko document verification k liye pass kiya hai to kya ho jata.ab bechare wo candidate jinko pass hone ki umid thi unko pta hi nahi chal rha hai ki kitne number walo ko document verification k liye bulaya hai.Hssc khud chahti hai ye log court me jaye or bharti attack jaye