रोहतक न्यूज़

राम रहीम ने की राजनीति से तौबा, अब चुनाव में किसी भी पार्टी का समर्थन न करने का फैसला

रोहतक :- साध्वी यौन शोषण और पत्रकार हत्या मामले मे रोहतक की सुनारिया जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे डेरा प्रमुख राम रहीम आए दिन किसी न किसी कारणों से सुर्खियों में बने रहते हैं. हाल ही में डेरा प्रमुख के बारे में खबर आ रही है कि उन्होंने राजनीति से तौबा कर ली है. उन्होंने वर्ष 2006 में बने Political विंग को भंग कर दिया है. उन्होंने अनुयायियों को जानकारी देते हुए कहा कि अब से डेरे में कोई Political विंग नहीं किया जाएगा.

ram rahim

डेरे में नहीं होगी कोई राजनीतिक विंग 

डेरा प्रमुख ने अपने अनुयायियों को जानकारी दी कि आगे से डेरे में कोई राजनीति विंग नहीं होगा. डेरा प्रमुख के इस फैसले से सभी अनुयायी हैरान हैं. उन्होंने यह फैसला इसलिए लिया है क्योंकि वह अब समाज सेवा से जुड़े कार्य ही करना चाहते हैं. सजा होने के बाद से ही डेरा प्रमुख अपने अनुयायियों को BJP के पक्ष में Vote डालने के लिए संदेश देता रहा है. परंतु उन्होंने कभी भी खुलकर पार्टियों का समर्थन नहीं किया. पंजाब हरियाणा में चुनाव में बड़े- बड़े डेरो का  Political विंग होता है. चुनावी दौर में बड़े- बड़े नेता इन्हीं ढेरों में समर्थन पाने के लिए पहुंचते हैं.

जेल से बाहर आने पर पार्टियां कर रही विरोध

डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से करीब 9 महीने पहले ही Political विंग को भंग कर दिया है. अब वह खुलकर किसी पार्टी को समर्थन करता नजर नहीं आना चाहता. वर्ष 2017 से ही डेरा प्रमुख सुनारिया Rohtak जेल में बंद है, वह 2 साध्वियों के यौन शोषण मामले में 10-10 साल और पत्रकार हत्या मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है. इस दौरान वह कई बार पैरोल और फरलो पर Jail से बाहर आ चुका है. राम रहीम के पैरोल और फरलो पर Jail से बाहर आने के कारण तमाम सियासी पार्टियां BJP पर हमला बोल रही थी इन्हीं विवादों से बचने के लिए डेरा प्रमुख ने यह कदम उठाया.

कब-कब राम रहीम आया जेल से बाहर

  • डेरा प्रमुख को पहली बार पंजाब यूपी विधानसभा चुनाव में राहत मिली
  • दूसरी बार 7 February 2007 को 21 दिन की फरलो पर बाहर आए
  • इसके बाद 17 June 2022 को 30 दिन के लिए पैरोल पर Jail से बाहर आए
  • अक्टूबर 2022 में 40 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आए डेरा प्रमुख
  • इसके बाद 21 जनवरी 2022 को 40 दिन के लिए पैरोल पर बाहर आया.

मुँहबोली बेटी हनीप्रीत कर रही देरी का संचालन   

डेरा प्रमुख के जेल जाने के बाद से ही उसके परिवार और डेरे की मैनेजमेंट कमेटियों के बीच मतभेद चलता आ रहा है. क्योंकि डेरा प्रमुख की गैरमौजूदगी में डेरे का संचालन उनकी मुंहबोली बेटी हनीप्रीत संभाल रही है. डेरा प्रमुख के जेल जाने के बाद उनके बेटा- बेटी और दामाद देश छोड़कर बाहर जा चुके हैं. पिछले वर्ष June 2022 में 30 दिन की पैरोल पर UP के बागपत जिले के बरनावा आश्रम में रहा था. सजा होने के बाद करीब 5 साल बाद वह Video रिकॉर्डिंग के जरिए अनुयायियों के सामने आया था.

Sagar Parmar

हेलो दोस्तों मेरा नाम सागर परमार है मैं खबरी एक्सप्रेस पर बतौर कंटेंट राइटर के रूप में जुड़ा हूँ मेरा लक्ष्य आप सभी को हरियाणा व अन्य क्षेत्रों से जुडी खबर सबसे पहले पहुंचना है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Adblock Detected

कृपया इस वेबसाइट का उपयोग करने के लिए आपके ऐड ब्लॉकर को बंद करे