CET Haryana: हरियाणा CET मेंस क्वालीफाइंग नेचर के रास्ते हुए बंद, मंत्रिमंडल की बैठक में नहीं होगा ये मुद्दा शामिल
पंचकूला :- HSSC की तरफ से CET ग्रुप सी के 32 पदों पर भर्ती की जानी है. आप सभी जानते हैं सभी अभ्यर्थियों की तरफ से मांग उठाई जा रही है कि सभी Qualify उम्मीदवारों को परीक्षा देने का मौका मिले, जबकि आयोग इस बात पर अड़ा हुआ है कि केवल चार गुना उम्मीदवारों को ही परीक्षा में शामिल किया जाएगा. Court में भी याचिका दायर की गई थी लेकिन अब अभ्यर्थियों को एक बड़ा झटका लगा है क्योंकि आयोग ने हाईकोर्ट से आग्रह किया है कि वह इस तरह की याचिकाओं को रद्द कर दे क्योंकि याचिकाकर्ताओं ने सीईटी Policy को चुनौती नहीं दी है.

बीच में नहीं बदल सकते खेल के नियम
ऐसे में बिना Subject से संबंधित पेपर लिए उम्मीदवारों को Shortlist करना निराधार है. आयोग का कहना है कि अब आयोग ग्रुप सी के विज्ञापन में लिखे मानदंड को मानने के लिए बाध्य है. आयोग ने दलील दी है कि बीच में खेल के नियम नहीं बदले जा सकते का सिद्धांत इस मामले में भी लागू होता है. सुप्रीम कोर्ट भी इस बारे में टिप्पणी कर चुका है कि चयन प्रक्रिया शुरू होने के बीच में चयन के मानदंड नहीं बदल सकते. HSSC ने दलील दी कि अगर याचिकार्ताओं को Skill Test में अपीयर होने की अनुमति दी गई तो दूसरे ऐसे उम्मीदवारों के लिए यह अनुचित मिसाल होगी जो स्किल टेस्ट की शॉर्टलिस्टिंग उम्मीदवारों में नहीं होंगे. इससे अनावश्यक मुकदमेबाजी बढ़ेगी और सुप्रीम कोर्ट के शासनादेश के विरुद्ध होगी.
भर्ती प्रक्रिया रोकने के लिए केंद्रीय प्रयास
हरियाणा सरकार ने जो नीति, नियम और Guidelines बनाई है, उनके अनुसार ग्रुप सी, ग्रुप डी पदों के लिए निष्पक्ष, पारदर्शी एवं भेदभाव रहित चयन प्रक्रिया अपनाकर मेधावी और सक्षम उम्मीदवारों की सिफारिश करने की Duty सौंपी है. जब एक बार सरकार ने पालिसी बना दी, आयोग को उसके सच्चे भाव व निष्ठा से पालना करना होगा, इसलिए यह याचिका रद्द करने योग्य है क्योंकि इसमें सुप्रीम कोर्ट द्वारा इसी प्रकार के विषय में दिए फैसले के विरुद्ध तथ्य है. संवैधानिक के साथ तालमेल वाली, जो Executive ने काफी चर्चा के बाद तैयार इस पालिसी को चुनौती देना याचिकाओं की तरफ से भर्ती प्रक्रिया को रोकना केंद्रित प्रयास है, जिससे राज्य के हजारों बेरोजगार युवाओं का भविष्य खतरे में डालना है.
बैठक में CET का मुद्दा नहीं शामिल
4 जुलाई को मंत्रिमंडल की एक बैठक भी होनी है. इस बैठक में चल रही भर्तियों से संबंधित सीईटी को क्वालीफाई करने या 4 गुना की शर्त को हटाने का एजेंडा शामिल नहीं है. हरियाणा सरकार और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग बार-बार दावा कर रहा है कि एक बार भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद बीच में Rules नहीं बदले जा सकते. चूंकि विज्ञापन में चार से पांच गुना आवेदक ही शॉर्टलिस्ट करने का मानदंड सार्वजनिक किया हुआ है इसलिए अब इसे बदला नहीं जा सकता. अगर अदालत कोई निर्देश दे तो बात अलग है.

